विपक्ष ने महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का मौका गंवा दिया

NFA@0298
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दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो पाया। सरकार को जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला। बिल के पक्ष में 298 विधेयक पड़े और खिलाफ में 230 सांसदों ने वोट किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आपके पास महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का मौका था लेकिन आपने उसे गंवा दिया। मोदी सरकार, महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए अभियान जारी रखेगी।

विपक्ष ने महिलाओं को सम्मान देने का मौका गंवाया
किरेन रिजिजू ने कहा, ‘इतने ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बिल पर जो नतीजा आया है, देश की महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने के इस बिल पर विपक्ष ने साथ नहीं दिया। यह बहुत खेद की बात है। इस ऐतिहासिक पल पर आपके पास एक मौका था, आपने इसे गंवा दिया। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, महिलाओं को जो सम्मान और अधिकार देने का हमारा अभियान जारी रहेगा। हम अधिकार देकर ही रहेंगे।’

संशोधन विधेयक गिरने के बाद बाकी दो बिलों पर नहीं हुई वोटिंग
उन्होंने ये भी कहा कि संविधान के 131वें संशोधन विधेयक के अलावा, हमारे पास दो अन्य विधेयक भी हैं, जिनका नाम केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 है, जो संविधान के 131वें विधेयक से आंतरिक रूप से संबंधित हैं। इसलिए इसे अलग-थलग करके नहीं देखा जा सकता।

बिल पास कराने के लिए चाहिए थे 352 वोट
गौरतलब है कि लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधन विधेयक पर वोटिंग के दौरान लोकसभा में कुल 528 सांसदों ने वोटिंग की। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों की मौजूदगी के मद्देनजर बिल को दो-तिहाई बहुमत से पास कराने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। लेकिन 230 सांसदों ने बिल के खिलाफ वोट किया और इसके पक्ष में महज 298 वोट ही पड़े।



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