
तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दावा किया कि अमेरिका अब भारत सहित दुनिया भर के देशों से रूसी कच्चा तेल खरीदने की गुहार लगा रहा है, जबकि पहले उसने रूस से तेल न खरीदने का दबाव डाला था।
ईरान के विदेश मंत्री ने रूसी तेल को लेकर अमेरिका के रुख की आलोचना करते हुए एक्स पर साझा किए गए पोस्ट में लिखा, ”ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्ध के बाद अमेरिका अब भारत सहित दुनिया से रूसी कच्चा तेल खरीदने की भीख मांग रहा है।”
ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल के सैन्य अभियान पर यूूरोपीय देशों को लेकर अराघची ने कहा कि ‘यूरोप ने सोचा था कि ईरान पर अवैध युद्ध का समर्थन करने से उन्हें रूस के खिलाफ अमेरिकी समर्थन मिल जाएगा। यह बहुत दयनीय है।
धराघची ने अपनी पोस्ट के साथ फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट साझा की है, जिसमें बताया गया है कि ईरान युद्ध के चलते तेल संकट से रूस हर दिन 150 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1389 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई कर रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूम बंद कर दिया है।
इस रिपोर्ट के अनुसार संघर्ष के शुरुआती 12 दिनों में अनुमान है कि रूस ने तेल निर्यात से अतिरिक्त राजस्व के रूप में 1.3 अरब डॉलर से 1.9 अरब डॉलर तक कमाए हैं। इसमें कहा गया कि मौजूदा कीमतें बनी रहती हैं तो महीने के अंत तक मॉस्को को 3.3 अरब से 5 अरब डॉलर की अतिरिक्त कमाई हो सकती है।


