
Assembly Election 2026 : गुरुवार 9 अप्रैल को असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ। तीनों जगहों पर बंपर वोटिंग दर्ज की गई। असम और पुडुचेरी ने तो अपने इतिहास के सबसे ऊंचे मतदान प्रतिशत बनाए, जबकि केरल में भी पिछले कई दशकों में दूसरी सबसे ज्यादा वोटिंग हुई। असम में सबसे ज्यादा 85.91% वोटिंग हुई। असम में 1950 में राज्य बनने के बाद यह अब तक की सबसे ऊंची वोटिंग है। इससे पहले 2016 में 84.7% मतदान हुआ था। राज्य की 126 विधानसभा सीटों पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवार मैदान में थे। 26 जिलों में 80% से ज्यादा वोट पड़े। सबसे ज्यादा 95.56% मतदान साउथ सलमारा मनकचर जिले में हुआ, जबकि सबसे कम 75.25% वेस्ट कार्बी आंगलॉन्ग में दर्ज किया गया।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि इस बार असमिया समाज और बांग्लादेशी मूल के मुस्लिम समाज के बीच मतदान की अच्छी प्रतियोगिता रही। पारंपरिक रूप से कम वोट डालने वाला समाज भी इस बार बढ़-चढ़कर polling booths पर पहुंचा।
पुडुचेरी में आजादी के बाद सबसे ज्यादा 89.87% मतदान हुआ है। पुडुचेरी में 30 सीटों पर कुल करीब 10 लाख मतदाता हैं। यहां 89.87% वोटिंग हुई जो आजादी के बाद का रिकॉर्ड है। इससे पहले का सबसे ऊंचा आंकड़ा 85% (2006, 2011 और 2016) था। पुडुचेरी जिले में 90.47% और कराईकल में 86.77% मतदान दर्ज किया गया।
केरल में 39 सालों में दूसरी सबसे ज्यादा वोटिंग हुई। केरल की 140 सीटों पर 2.71 करोड़ मतदाताओं ने वोट डाला। यहां 78.27% मतदान हुआ, जो 1987 के बाद सबसे ज्यादा है। 1987 में रिकॉर्ड 80.54% वोटिंग हुई थी। राज्य के 14 जिलों में से कोझिकोड में सबसे ज्यादा 81.32% और पथनमथिट्टा में सबसे कम 70.76% मतदान हुआ। यहां 883 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे। BJP नेताओं का कहना है कि इस बार महिला मतदाताओं की भागीदारी ज्यादा रही, जिससे वोटिंग प्रतिशत बढ़ा। वहीं CPI(M) नेता ने वोटर लिस्ट से मृत और स्थानांतरित लोगों के नाम हटाने को भी एक वजह बताया।
क्या कहते हैं आंकड़े?
असम: 126 सीटें, 2.50 करोड़ से ज्यादा मतदाता, 722 उम्मीदवार
केरल: 140 सीटें, 2.71 करोड़ मतदाता, 883 उम्मीदवार
पुडुचेरी: 30 सीटें, लगभग 10 लाख मतदाता
चुनाव आयोग के मुताबिक ये शुरुआती आंकड़े हैं। अंतिम आंकड़े बाद में जारी किए जाएंगे। वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी। उच्च मतदान प्रतिशत लोकतंत्र की मजबूती को दिखाता है। खासकर असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड वोटिंग ने सभी को हैरान कर दिया है। अब नजरें परिणाम पर टिकी हैं कि कौन सी पार्टी या गठबंधन सरकार बनाने में सफल होगा। यह चुनाव न सिर्फ तीनों जगहों की स्थानीय राजनीति, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


