मुंबई। महाराष्ट्र में बीते दो सालों में कुल 93,940 महिलाएं लापता (Women Missing) हुईं। यह जानकारी खुद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब में दी है। साथ ही यह भी बताया कि पुलिस ने 67,458 को सुरक्षित बरामद कर लिया है। इससे रिकवरी दर लगभग 71.8 प्रतिशत रही है।
2024 में 45,662 महिलाएं गुम हुईं, जिनमें से 30,877 मिलीं। 2025 में यह संख्या बढ़कर 48,278 हो गई, और 36,581 को ढूंढ लिया गया। वहीं बीते दो सालों में कुल 23,429 नाबालिग लड़कियां लापता हुईं, जिनमें से 18,770 (80.1 प्रतिशत) बरामद हुईं। 2024 में 11,313 लड़कियां गायब हुईं और 8,475 मिलीं। 2025 में 12,113 लापता हुईं, और 10,295 को वापस परिवार से जोड़ा गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 15-18 वर्ष की आयु के बच्चों (लड़के-लड़कियां दोनों) के लापता होने के मामले मुख्य रूप से मुंबई, नवी मुंबई, रायगढ़, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर जैसे शहरों में ज्यादा सामने आए। इन क्षेत्रों में 2024-25 के दौरान ऐसे 4,989 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 4,813 (96 प्रतिशत) बच्चों को सफलतापूर्वक ढूंढ लिया गया।
इसके अलावा, ऑपरेशन मुस्कान अभियान के बारे में जानकारी देते हुए फडणवीस ने कहा कि जुलाई 2015 से दिसंबर 2024 तक इसके 13 चरणों में 41,193 नाबालिग बच्चों (लड़के और लड़कियां) को बचाया गया। वर्तमान में चल रहे 14वें चरण में 16 फरवरी तक 1,401 नाबालिगों (454 लड़के और 947 लड़कियां) को बरामद किया जा चुका है।
यह अभियान केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित है, जिसका मुख्य उद्देश्य लापता बच्चों की तलाश, उनके पुनर्वास और परिवार से मिलान करना है। हालांकि आंकड़े बताते हैं कि लापता होने की घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए और मजबूत रोकथाम वाली नीतियों की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।
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