मध्य पूर्व संकट का बड़ा असर

NFA@0298
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Flight Cancelled: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान के ऊपर तथा खाड़ी क्षेत्र के कई हिस्सों में एयरस्पेस बंद किए जाने का सीधा असर भारतीय विमानन सेवाओं पर पड़ा है। रविवार, 1 मार्च 2026 को भारतीय एयरलाइंस को 350 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 28 फरवरी को 410 उड़ानें रद्द हुई थीं। लगातार दूसरे दिन बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्री प्रभावित हुए और देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर शेड्यूल में भारी बदलाव देखने को मिला।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के कारण कई अंतरराष्ट्रीय एयर रूट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं, जिससे भारतीय एयरलाइंस की उन उड़ानों पर सीधा असर पड़ा है जो इन एयरस्पेस से होकर यूरोप, खाड़ी देशों और अन्य पश्चिमी गंतव्यों के लिए संचालित होती हैं। मंत्रालय ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और यात्रियों की सुविधा के लिए एयरलाइंस तथा एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ समन्वय किया जा रहा है।

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एयर इंडिया ने रविवार सुबह जानकारी दी कि उसने 22 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें तत्काल प्रभाव से रद्द की हैं, जबकि 28 फरवरी को 28 उड़ानों को पहले ही रद्द करने की घोषणा की जा चुकी थी। इसके अलावा यूरोप जाने वाली कई उड़ानों पर भी असर पड़ा है। एयर इंडिया ने यूएई, सऊदी अरब, इजरायल और कतर के लिए अपनी सेवाओं का निलंबन 2 मार्च 2026 की रात 11:59 बजे तक बढ़ा दिया है। कुछ यूरोपीय सेक्टर जैसे दिल्ली-ज्यूरिख, दिल्ली-कोपेनहेगन और अमृतसर-बर्मिंघम की उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं।

इंडिगो ने भी बयान जारी कर कहा कि मध्य पूर्व के एयरस्पेस का उपयोग करने वाली चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का अस्थायी निलंबन 2 मार्च तक बढ़ाया गया है। स्पाइसजेट ने यूएई से आने-जाने वाली 33 उड़ानें रद्द करने की पुष्टि की है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के लिए अपनी उड़ानों का निलंबन 2 मार्च तक बढ़ा दिया है और प्रभावित यात्रियों को रजिस्टर्ड संपर्क माध्यमों से सूचना दी जा रही है।

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दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख एयरपोर्ट पर स्थिति विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रही। सूत्रों के अनुसार, रविवार को दोनों एयरपोर्ट मिलाकर कुल 225 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गईं। इनमें मुंबई एयरपोर्ट पर 125 और दिल्ली एयरपोर्ट पर कम से कम 100 उड़ानें शामिल हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर 60 अंतरराष्ट्रीय डिपार्चर और 40 आगमन उड़ानें रद्द हुईं। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को शेड्यूल में संभावित बदलाव की जानकारी दी और एयरलाइन से संपर्क बनाए रखने की अपील की।

मुंबई एयरपोर्ट प्रशासन ने पश्चिम एशिया की स्थिति को देखते हुए शनिवार रात 9 बजे से 1 मार्च सुबह 8 बजे तक डायवर्ट होने वाली उड़ानों को स्वीकार नहीं करने के लिए NOTAM जारी किया था। कारण यह था कि कई उड़ानें अपने मूल स्थान पर लौट रही थीं या वैकल्पिक एयरपोर्ट की ओर मोड़ी जा रही थीं, जिससे पार्किंग स्पेस की कमी की स्थिति बन गई थी। दोपहर 2:30 बजे तक मुंबई एयरपोर्ट पर 67 प्रस्थान और 58 आगमन सहित कुल 125 उड़ानें रद्द की जा चुकी थीं।

अमृतसर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी इसका असर देखने को मिला, जहां 10 उड़ानें रद्द की गईं। इनमें दोहा, दुबई और शारजाह के लिए संचालित उड़ानें शामिल थीं। अधिकारियों ने बताया कि मध्य पूर्व के एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण इन उड़ानों को रद्द करना पड़ा।

यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए एयरलाइंस ने री-शेड्यूलिंग और फुल रिफंड की सुविधा प्रदान की है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने स्पष्ट किया है कि 28 फरवरी तक की गई बुकिंग, जिनकी यात्रा 5 मार्च तक निर्धारित थी, उन्हें बिना अतिरिक्त शुल्क के पुनर्निर्धारित किया जा सकता है या पूरा रिफंड लिया जा सकता है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय का पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (PACR) भी सक्रिय है और AirSewa प्लेटफॉर्म पर दर्ज शिकायतों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव लंबा खिंचता है तो भारत-यूरोप और भारत-खाड़ी मार्गों पर ईंधन लागत और उड़ान समय में वृद्धि हो सकती है, क्योंकि वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ेंगे। इससे एयरलाइंस की परिचालन लागत बढ़ सकती है और टिकट दरों पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल सभी प्रमुख एयरपोर्ट को संभावित डायवर्जन और यात्री प्रबंधन के लिए अलर्ट पर रखा गया है।

सरकारी एजेंसियां, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और निजी ऑपरेटर स्थिति की सतत निगरानी कर रहे हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति संबंधित एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से अवश्य जांच लें। मौजूदा हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में भी उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव संभव है।



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