नशेबाज वाहन चालकों पर सख्ती, 1186 शराबी वाहन चालकों पर कार्यवाही कर भेजा न्यायालय

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बिलासपुर। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा निर्देश पर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में लगातार यातायात नियमों के पालन हेतु आम नागरिकों को जागरूकता अभियान के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है जहां-जहां पर इंजीनियरिंग सुधार किया आवश्यकता है सड़क सुरक्षा से संबंधित नोडल अधिकारियों के साथ दुर्घटनाजन्य स्थान का निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक एवं समाधान कारक प्रयास की जा रही है साथ ही जो वाहन चालकों के द्वारा यातायात नियमों एवं सुरक्षा मापदंडों का उल्लंघन किया जा रहा है उन पर सघन एवं सख्त कार्यवाही भी की जा रही है।
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने हेतु नियमित रूप से अधिकारियों के द्वारा दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण की जा रही है इस विश्लेषण के परिणाम स्वरूप यह परिलक्षित होता है कि अधिकांशत सड़क दुर्घटनाओं का समय सायं 16 से रात्रि 21 तक एवं दोपहर को 12 से शायद 16 बजे तक सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं होती है इसी तरीके से अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्ग, राजकीय मार्ग एवं एमडीआर जगह पर घटित होती है
सड़क दुर्घटनाओं में दुपहिया कार, पिकअप, ट्रक एवं अन्य वाहन चालक जिम्मेदार पाए जाते हैं इस बात को दृष्टिगत रखते हुए इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल व भारी वाहनों का डायवर्सन एवं एकांगी मार्गों का अधिक उपयोग किया जा रहा है प्रतिदिन यातायात के जवान व अधिकारी तैनात कर सुगम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाने हेतु हमारे यातायात के जवान लगातार मुस्तैदी के साथ ड्यूटी कर रहे हैं वहीं यातायात नियमों के उल्लंघन कर्ताओं को नोटिस व सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से प्रशमन की कार्यवाही की जा रही है।
बिलासपुर शहर सहित जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एमडीआर में अधिकांश स्थलों, मार्गो, चौक चौराहों पर ट्रैफिक संकेत और सड़क चिन्ह लगाए गए हैं आम नागरिकों से अपील है कि इन जगहों पर यातायात नियमों के पालन के संबंध में दी गई निर्देशों एवं संकेत का पालन करें ताकि सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति ही निर्मित ना हो।
दुर्घटना के प्रमुख कारणों को देखा जाए तो हेलमेट धारण न करना, नशे की हालत में वाहन चलाना, यातायात नियमों का पालन न करना, तेज गति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाना दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण परिलक्षित हुआ है। इस मामले में सर्वाधिक युवा वर्ग उल्लंघन करते हैं अतः इसको दृष्टिगत रखते हुए स्कूल, कॉलेज में यातायात की टीम भेज कर उन्हें यातायात के प्रति प्रशिक्षित एवं जागरूक किया जा रहा है साथ ही ऐसे मार्गों पर यातायात पुलिस एवं संबंधित थाना पुलिस द्वारा पेट्रोलियम कराई जा रही है।
आम नागरिकों को जागरूक करने हेतु वर्ष भर स्कूल, कॉलेज , शैक्षणिक संस्थानों, शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं, बैंकों, एस ई सी एल, एनटीपीसी एवं जिले समस्त आद्योगिक, व्यापारिक एवं अन्य समस्त सार्वजनिक संस्थाओं प्रतिष्ठानों में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है थाना स्तर पर बाजार , बस स्टैंड, अन्य सार्वजनिक संस्थानों में भी यातायात की जानकारी लोगों को दी जा रही है अधिकांश दुर्घटनाएं आवासीय क्षेत्र में मुख्य मार्ग तथा औद्योगिक क्षेत्र में हो रही है इसको दृष्टिगत रखते हुए ऐसे थाना क्षेत्र में लगातार जन जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति सतर्क एवं जागरूक किया जा रहा है।
सड़क दुर्घटना मुख्य रूप से वाहन चालकों की गलती के कारण होती है जिनमें प्रमुख रूप से वाहन चालक के द्वारा तेज गति, नशे की हालत में वाहन चलाना, गलत ओवर टेकिंग करना, अचानक लेन बदलना आदि कुछ प्रमुख कारण पाए गए हैं इस हेतु लगातार आम नागरिकों के मध्य जाकर के वाहन चालकों को सदैव सुरक्षा मापदंडों के अनुरूप सड़कों पर वाहन चालन हेतु समझाइस दी जा रही है।
अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में वाहन चालकों के पास स्थाई लाइसेंस एवं लर्निंग लाइसेंस एवं कुछ मामलों में लाइसेंस का नही होना भी पाया गया है दुर्घटना कारित करने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबन की कार्यवाही लगातार की जा रही है ताकि ऐसे वाहन चालकों को सबक मिल सके और वह विधिवत रूप से लाइसेंस प्राप्त कर ही सड़कों पर सुरक्षा मापदंडों के अनुरूप वाहन चालान करे।
अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में चालकों की उम्र 17 से 35 वर्ष के मध्य देखी गई है अतः यातायात के सुगम व सुरक्षित संचालन हेतु सड़क सुरक्षा के सभी दिशाओं एवं आयामों में प्रयास किया जा रहा है जिसमें इंजीनियरिंग उपाय, यातायात शिक्षा का प्रचार प्रसार तथा इन्फोर्समेंट (चलानी) की कार्यवाही प्रमुखता से की जा रही है साथ में जन जागरूकता का प्रयास भी किया जा रहा है एवं वर्तमान में सड़क दुर्घटनाओं में आहत व्यक्तियों के लिए इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवा को भी गंभीरता से सुलभ बनाया गया है ताकि लोगों को इमरजेंसी की स्थिति में गोल्डन ऑवर में स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हो सके।
सड़क सुरक्षा इमरजेंसी सर्विस को तत्काल मुहैया कराए जाने हेतु जिले के समस्त स्वास्थ्य केंद्रों को प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत नामांकित किया गया है जहां पर डेढ़ लाख रुपए तक की कैशलेस उपचार की सुविधा 24 घंटे के अंदर रजिस्ट्रेशन किए जाने पर सात दिवस तक प्राप्त होती है। वही आकस्मिक सड़क दुर्घटनाओं के दौरान आहत व्यक्ति को सहायता मुहैया कराने वाले नेक इंसान को “गुड सेमेरिटन व राहवीर” के रूप में सम्मानित किया जाता है।
समस्त नागरिकों से अपील है कि सड़कों पर चलते हुए सदैव यातायात नियमों का पालन करें, स्वयं सुरक्षित रहें व औरों को भी अनुशासन पूर्वक वाहन चलाने हेतु प्रेरित कर सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा के धेय हेतु सहयोगी बने।


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