देर रात पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें कई सवाल खड़े कर रही हैं। क्या सच में पेट्रोल-डीजल की कमी है, या अफवाहों के चलते लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं?

NFA@0298
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गरियाबंद। पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-इजरायल तनाव और संभावित ईंधन संकट की आशंकाओं ने छत्तीसगढ़ में भी असर दिखाना शुरू कर दिया है। गरियाबंद, रायपुर, बिलासपुर, बालोद, धमतरी, गुरुर और जगदलपुर समेत कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालात ऐसे बन गए कि कई पंपों पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक समय से पहले खत्म हो गया,

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अफवाहों और संकट की आशंका के चलते लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने लगे। कई वाहन चालक अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के साथ अतिरिक्त पेट्रोल-डीजल भी जमा करने की कोशिश करते नजर आए। स्थिति को देखते हुए पंप संचालकों ने केन, डिब्बों और ड्रम में ईंधन देने पर रोक लगा दी है।

रायपुर बिलासपुर बस्तर संभाग के जगदलपुर में हालात सबसे ज्यादा तनावपूर्ण दिखाई दिए। यहां पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। पंप संचालकों के मुताबिक सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री दोगुनी से ज्यादा रही। एक ही दिन में साढ़े चार हजार लीटर से अधिक ईंधन की बिक्री दर्ज की गई।

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बुधवार को कई पेट्रोल पंपों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की कतारें मुख्य सड़क तक पहुंच गईं। घंटों इंतजार के बावजूद लोग लाइन छोड़ने को तैयार नहीं थे। भीड़ को नियंत्रित करने में पंप कर्मचारियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी।

हालांकि अब तक प्रशासन या तेल कंपनियों की ओर से किसी वास्तविक सप्लाई संकट की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन अफवाहों और घबराहट ने कई जिलों में कृत्रिम ईंधन संकट जैसी स्थिति पैदा कर दी है।



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