दिल्ली-मुंबई समेत कई ठिकानों पर छापेमारी, सक्ती पॉवर प्लांट हादसे में हुई थी एफआईआर

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नई दिल्ली। उद्योगपति अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले Vedanta Group के विभिन्न ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीमों ने दिल्ली, मुंबई और राजस्थान सहित कई शहरों में समूह के कॉर्पोरेट कार्यालयों पर छापेमारी की और वित्तीय दस्तावेजों की जांच शुरू की। छत्तीसगढ़ के सक्ती पॉवर प्लांट हादसे के बाद अनिल अग्रवाल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में की जा रही है। जांच मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत नहीं, बल्कि FEMA के प्रावधानों के तहत संचालित की जा रही है।

ईडी की जांच का मुख्य फोकस भारत स्थित वेदांता लिमिटेड और इसकी लंदन स्थित मूल कंपनी वेदांता रिसोर्सेस के बीच हुए वित्तीय लेनदेन हैं।

जांच एजेंसी कथित तौर पर ब्रांड फीस और रॉयल्टी भुगतान से जुड़े सीमा-पार वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने कई वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल दस्तावेज और कारोबारी समझौतों को अपने कब्जे में लिया है।

कंपनी ने कहा- जांच में पूरा सहयोग करेंगे

ईडी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए वेदांता समूह के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी संबंधित एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।

कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘हम सभी आवश्यक दस्तावेज और सूचनाएं उपलब्ध करा रहे हैं। वेदांता सभी लागू कानूनों और नियामकीय प्रावधानों के अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है।‘

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब वेदांता समूह अपने कारोबार के पुनर्गठन की प्रक्रिया से गुजर रहा है। कंपनी ने अपने एल्युमिनियम, ऑयल एंड गैस, पावर तथा आयरन एंड स्टील व्यवसायों को अलग-अलग स्वतंत्र इकाइयों में विभाजित करने का फैसला किया है।

सक्ती हादसे के बाद फिर चर्चा में वेदांता

गौरतलब है कि वेदांता समूह हाल के महीनों में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए भीषण औद्योगिक हादसे के कारण भी चर्चा में रहा है।

14 अप्रैल 2026 को सक्ती जिले के सिमतराई गांव स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट हुआ था। इस हादसे में 20 से अधिक मजदूरों और कर्मचारियों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।

हादसे को लेकर सुरक्षा मानकों और औद्योगिक जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल उठे थे।



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