घुघुवा शिविर में फूटा किसानों का गुस्सा, पटवारी पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप

NFA@0298
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  • पैसा दो तभी होगा काम”, ग्रामीणों ने कलेक्टर से हटाने की मांग उठाई

पाटन।सुशासन तिहार 2026 के तहत पाटन के ग्राम घुघुवा (क) में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। ग्राम झीट और खुड़मुड़ी के ग्रामीणों ने हल्का पटवारी बरखा मेश्राम पर खुलेआम रिश्वतखोरी, किसानों को प्रताड़ित करने और ऑनलाइन रिकॉर्ड में गड़बड़ी करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर के नाम शिकायत सौंप दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि प.ह.न. 15 में पदस्थ पटवारी बिना पैसे लिए कोई काम नहीं करती। बी-1, खसरा पांचसाला, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नकल निकालने से लेकर ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट करने तक हर काम के लिए किसानों से रकम मांगी जाती है। यहां तक कि दस्तावेजों में डीएससी करने के नाम पर भी अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगाया गया है।
किसानों ने आरोप लगाया कि जो लोग पैसे देने से मना करते हैं, उनके रिकॉर्ड में जानबूझकर त्रुटियां कर दी जाती हैं, जिससे उन्हें बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शासन की ऑनलाइन व्यवस्था किसानों की सुविधा के लिए बनाई गई थी, लेकिन इसका इस्तेमाल अब दबाव और वसूली के हथियार के रूप में किया जा रहा है।
शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने साफ कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन में संबंधित पटवारी को तत्काल दोनों गांवों से हटाने और पूरे मामले की जांच के लिए स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित किसान शपथ पत्र देकर बयान देने को तैयार हैं।
जनसमस्या निवारण शिविर में उठे इस मामले ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि भ्रष्टाचार के कारण आम ग्रामीण सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं, लेकिन अब वे चुप बैठने वाले नहीं हैं।



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