
रायपुर। रायपुर में गांजा तस्करी के जरिए करोड़ों की संपत्ति खड़ी करने वाले कुख्यात तस्कर Ravi Sahu और उसके परिवार पर अब कानून का बड़ा शिकंजा कस गया है। रायपुर पुलिस की लंबी जांच और वित्तीय पड़ताल के बाद मुंबई के SAFEMA कोर्ट ने रवि साहू परिवार की करीब 7 करोड़ 66 लाख रुपये की चल-अचल संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश को मंजूरी दे दी है। अब ये संपत्तियां बिना सरकारी अनुमति के न तो बेची जा सकेंगी और न ही ट्रांसफर होंगी।

रायपुर पुलिस के डीसीपी सेंट्रल उमेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि कालीबाड़ी निवासी रवि साहू लंबे समय से गांजा तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। सिटी कोतवाली थाना में दर्ज मामले में पुलिस ने उसके कब्जे से 17 किलो 882 ग्राम गांजा बरामद किया था। मामले की सुनवाई के बाद विशेष NDPS कोर्ट ने 15 जनवरी 2026 को रवि साहू को दोषी करार देते हुए 10 साल के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
रवि साहू को सजा तो सुना दी गई, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। जेल पहुंचने के बाद पुलिस ने रवि साहू की आर्थिक कुंडली खंगालनी शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी और उसके परिवार के नाम पर रायपुर, अभनपुर और आसपास के इलाकों में करोड़ों की कृषि भूमि, मकान, भवन और कमर्शियल वाहन मौजूद हैं। पुलिस को शक हुआ कि ये संपत्तियां नशे के कारोबार से कमाए गए पैसों से बनाई गई हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने रवि साहू की पत्नी शशि साहू और उसके पुत्र को भी जांच के दायरे में लिया। परिवार से आय और संपत्तियों के दस्तावेज मांगे गए, लेकिन जांच एजेंसियों को कई ऐसी संपत्तियों की जानकारी मिली जिनका ब्यौरा आधिकारिक रिकॉर्ड और आयकर दस्तावेजों में नहीं था।
इसके बाद रायपुर पुलिस ने NDPS एक्ट की धारा 68F(2) के तहत कार्रवाई करते हुए संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले SAFEMA/NDPS प्राधिकरण, मुंबई को भेजा। ऑनलाइन सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष अपनी संपत्तियों का संतोषजनक स्रोत नहीं बता सका। आखिरकार 15 मई 2026 को सक्षम प्राधिकारी ने पुलिस के फ्रीजिंग आदेश को पूरी तरह सही मानते हुए उसे कन्फर्म कर दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक आरोपी के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे ड्रग नेटवर्क के लिए बड़ा संदेश है। रायपुर पुलिस ने साफ किया है कि नशे के कारोबार से कमाई गई संपत्तियों को चिन्हित कर आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
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