
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने भाई की हत्या के मामले में आराेपित काे जमानत देने के आदेश दिया है। गुरुवार काे न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार ऊधमसिंह नगर निवासी नवेद उर्फ बिटटू ने उच्च न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र दायर कर जमानत देने की प्रार्थना की थी।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि वह इस मामले में निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि हत्या के मामले में उसकी कोई भूमिका है। याचिका में कहा कि वह मृतक का भाई है और उसे बिना किसी मकसद या पुरानी दुश्मनी के अपने ही भाई की हत्या के आरोप में फंसाया गया है।
याचिका में कहा कि उसके पास से कुछ भी बरामद नहीं हुआ है और उसकी मां और पिता को भी एफआईआर में फंसाया गया है। इस मामले में याचिकाकर्ता की मां को निचली कोर्ट ने 19 जुलाई 2024 को जमानत दे दी है और उसके पिता जो सह-आरोपित बनाए गए हैं, उनको भी उच्च न्यायालय की एक बेंच ने 6 जनवरी 2026 को जमानत मिल चुकी है।
उसने कोर्ट को यह भी बताया है कि याचिकाकर्ता का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह 22 दिसंबर 2023 से जेल में बंद है। इसके बाद काेर्ट ने आराेपित काे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। काेर्ट में सुनवाई के दाैरान राज्य के वकील ने ज़मानत देने विरोध किया था।


