असम पुलिस का दावा- बांग्लादेश से जुड़े आईएमके समूह के 11 लोगों को किया गया गिरफ़्तार

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-दिलीप कुमार शर्मा

असम पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (एसटीएफ़) ने दावा किया है कि उसने बांग्लादेश के एक चरमपंथी समूह इमाम महमूदुर क़ाफ़िला (आईएमके) के 11 लोगों को गिरफ़्तार किया है.

आईएमके बांग्लादेश के प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन (जेएमबी) की एक शाखा है, जिसका गठन 2018 में किया गया था.

इस कार्रवाई पर जानकारी देते हुए स्पेशल टास्क फ़ोर्स के प्रमुख और गुवाहाटी के पुलिस कमिश्नर पार्थ सारथी महंत ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, “आईएमके के लोग असम और आस-पास के राज्यों में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और संगठन में भर्ती करने का काम कर रहे थे.”

“वे प्रोपेगेंडा फैलाने, हवाला या यूपीआई के ज़रिए फंड जुटाने और ट्रेनिंग के लिए सीमा पार यात्रा की सुविधा देने के लिए कई एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया ग्रुप का इस्तेमाल कर रहे थे.”

पुलिस अधिकारी ने कहा,”जांच में पता चला कि अगस्त 2024 में बांग्लादेश में सत्ता बदलने के बाद जेएमबी,अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) और अल-क़ायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट के टॉप नेताओं ने आईएमके लीडरशिप को अपने भारतीय मॉड्यूल को एक्टिव करने और फैलाने के निर्देश दिए थे.”

पुलिस ने बारपेटा से जिन लोगों को गिरफ़्तार किया है उनकी शिनाख़्त नसीम उद्दीन उर्फ़ नजीमुद्दीन उर्फ़ तमीम (24), मिजानुर रहमान (46), सुल्तान महमूद (40), सिद्दीक अली (46), शाहरुख़ हुसैन (22) और दिलबर रजाक (26) के तौर पर की है.

जबकि बाक्सा ज़िले से राशिदुल आलम (28) और महिबुल ख़ान (25) को गिरफ़्तार किया गया है. वहीं चिरांग ज़िले से जुनाब अली (38), दरांग से अफ़राहिम हुसैन (24) और त्रिपुरा से जागीर मियां (33) को गिरफ़्तार किया गया है.

पुलिस ने बताया कि इन गिरफ़्तार लोगों पर बीएनएस, 2023 और गै़रक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 के तहत कई आरोप लगाए गए हैं.(bbc.com/hindi)



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