नई दिल्ली। Viksit Bharat 2047: नई दिल्ली में ‘विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी, सुधार एवं वित्त’ विषय पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारतीय उद्योग जगत से निवेश और नवाचार बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने आक्रामक सार्वजनिक पूंजीगत व्यय और लगातार सुधारों के जरिए मजबूत आधार तैयार कर दिया है और अब निजी क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अगले चरण का नेतृत्व करना चाहिए। पीएम मोदी ने बजट-2026 को “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की दिशा में निर्णायक कदम बताते हुए कहा कि किसी भी बजट को अलग-थलग नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे निरंतर राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा मानकर जमीनी क्रियान्वयन पर फोकस करना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि 11 वर्ष पहले सार्वजनिक पूंजीगत व्यय लगभग 2 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर केंद्रीय बजट 2026-27 में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की मजबूत नींव रखी गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रोसेस सरल करने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारने और टेक्नोलॉजी-आधारित गवर्नेंस को बढ़ावा देने से देश ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन केवल नीतिगत इरादा नहीं, बल्कि डिलीवरी एक्सीलेंस और जमीनी असर भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने एआई, ब्लॉकचेन और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग से पारदर्शिता, गति और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया तथा इंफ्रास्ट्रक्चर और उभरते क्षेत्रों में उद्योग, वित्तीय संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के बीच साझेदारी मजबूत करने की बात कही। पीएम मोदी ने ‘रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर’ का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि सरकार, उद्योग, वित्तीय संस्थान और अकादमिक जगत का साझा संकल्प ही विकसित भारत की यात्रा को गति देगा।


