Ujjain violence: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना तहसील क्षेत्र में 22 जनवरी की शाम एक छोटा-सा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसने पूरे इलाके को तनावपूर्ण बना दिया। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नगर मंत्री सोहेल ठाकुर शुक्ला मोहल्ले में राम मंदिर के बाहर खड़े थे, तभी कुछ युवकों ने उनसे रास्ता देने या वहां खड़े होने को लेकर बहस शुरू की। यह मामूली कहासुनी जल्द ही झगड़े में बदल गई और आरोपियों ने पीछे से लाठी-डंडों तथा लोहे की रॉड से हमला बोल दिया। हमलावरों में ईशान मिर्जा, सप्पन मिर्जा, शादाब उर्फ इडली, सलमान मिर्जा, रिजवान मिर्जा और नावेद मिर्जा सहित अन्य शामिल बताए जा रहे हैं।
सोहेल ठाकुर को सिर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उन्हें पहले तराना शासकीय अस्पताल और फिर उज्जैन जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया।पुलिस की प्रारंभिक जांच में मुख्य कारण रास्ता देने या स्थान पर खड़े होने को लेकर छोटी बहस ही पाया गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। हालांकि, हिंदू संगठनों और स्थानीय सूत्रों का कहना है कि सोहेल ठाकुर लव जिहाद विरोधी अभियान, गौ-रक्षा और सरस्वती पूजा जैसे कार्यक्रमों में सक्रिय रहते थे, जिससे कुछ लोग उनसे पहले से नाराज थे।
प्रशासन इसे मुख्य रूप से एक मामूली विवाद से शुरू हुई हिंसा मान रहा है। हमले की खबर फैलते ही सर्व हिंदू समाज, विहिप और अन्य हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता आक्रोशित हो उठे। गुस्साई भीड़ ने तराना थाने का घेराव किया और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति बिगड़ने पर प्रदर्शनकारियों ने तराना बस स्टैंड पर खड़ी 11 से 12 बसों में पत्थरबाजी कर कांच तोड़ दिए, पास की दुकानों में तोड़फोड़ मचाई और कुछ जगहों पर आगजनी भी की गई।
तीन घंटे से अधिक समय तक चले बवाल के बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा।उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा, कलेक्टर रोशन कुमार, एडिशनल एसपी गुरु प्रसाद पराशार और एडीएम अत्येंद्र सिंह गुर्जन सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने सोहेल ठाकुर की शिकायत पर सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमला (हत्या का प्रयास), दंगा, तोड़फोड़ और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अब तक 5-6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार हैं। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर जांच जारी है, कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी हो रही है।23 जनवरी की दोपहर जुमे की नमाज के बाद दो पक्षों में फिर झड़प हुई, जिसमें लाठी-डंडे, तलवार और पत्थरबाजी हुई।
एक बस को आग के हवाले कर दिया गया, जिस पर अग्निशमन विभाग ने काबू पाया। बस ड्राइवर शेख पप्पू खान ने बताया कि उनकी बस यात्रियों को लेकर जा रही थी, कोई झगड़ा नहीं था, लेकिन अचानक हमला हुआ और बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने कहा, “हमारी क्या गलती थी? गरीबों की गाड़ियों को ही क्यों निशाना बनाया जाता है?”
तनाव को देखते हुए तराना नगर में धारा 144 लागू कर दी गई है। बाजार पूरी तरह बंद है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने बताया कि 100 से अधिक जवान और अधिकारी क्षेत्र में ड्यूटी पर हैं। स्थिति अब नियंत्रण में है और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।जूना अखाड़ा के संत मोहन भारती और अन्य हिंदू संगठनों ने आरोपियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर एक्शन की मांग की है।
विहिप नेता विष्णु पाटीदार ने कहा कि मुख्य आरोपी अभी फरार है और प्रशासन से बातचीत जारी है। संगठनों का आरोप है कि 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ के आसपास माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई।प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के गृह जिले में यह घटना होने से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। पूरी घटना की जांच जारी है और आगे की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।


