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नई दिल्ली। तमिलनाडु की नई टीवीके सरकार ने किसानों के लिए ऋण माफी का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय (Thalapathy Vijay) ने सहकारी बैंकों से लिए गए फसल ऋणों पर आंशिक और पूर्ण कर्जमाफी योजना की घोषणा की है।
सरकार के मुताबिक सीमांत किसानों के 50 हजार रुपये तक के फसल ऋण पूरी तरह माफ किए जाएंगे, जबकि बड़े किसानों को 5 हजार रुपये तक की राहत दी जाएगी। कुछ श्रेणी के छोटे किसानों को 50 प्रतिशत तक की छूट भी मिलेगी।
चेन्नई सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना 1 मई 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच सहकारी बैंकों से कृषि ऋण लेने वाले करीब 14.22 लाख किसानों को लाभ पहुंचाएगी। इस योजना से राज्य सरकार पर लगभग 2,044 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सरकार का कहना है कि आगामी बुवाई सीजन से पहले किसानों को नया संस्थागत कर्ज दिलाने और उनके कर्ज बोझ को कम करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
यह फसल ऋण माफी टीवीके के चुनावी वादों में शामिल थी। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने पांच एकड़ तक जमीन रखने वाले किसानों के कृषि ऋण पूरी तरह माफ करने और बड़े किसानों के लिए 50 प्रतिशत राहत देने का वादा किया था।
हालांकि, योजना के ऐलान के बाद विपक्ष और किसान संगठनों ने सरकार पर वादा कमजोर करने का आरोप लगाया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि चुनाव में ‘संपूर्ण कर्जमाफी’ का वादा किया गया था, लेकिन अब सरकार सीमित राहत देकर किसानों के साथ ‘विश्वासघात’ कर रही है।
वहीं, एडापड्डी के पलानीस्वामी ने भी टीवीके सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2021 में उनकी सरकार ने 12,110 करोड़ रुपये के फसल ऋण माफ किए थे, जिससे 16.43 लाख किसानों को फायदा मिला था, जबकि मौजूदा सरकार केवल 2,044 करोड़ रुपये की राहत दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 50 हजार रुपये की सीमा तय करना किसानों के साथ ‘बड़ा धोखा’ है।
कई किसान संगठनों ने भी मांग की है कि भूमि के आकार या किसान श्रेणी के आधार पर भेदभाव किए बिना सभी किसानों के कृषि ऋण माफ किए जाएं। उनका कहना है कि बढ़ती लागत और कर्ज के दबाव के बीच बड़ी संख्या में किसान अभी भी राहत से बाहर रह जाएंगे।
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