Share Market : भारतीय शेयर बाजार में 19 मार्च 2026 को भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 2% से ज्यादा की कमजोरी आई, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।बाजार में आज की बड़ी गिरावटसेंसेक्स करीब 1800-1950 अंकों की गिरावट के साथ 74,750-74,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी 540 अंकों से ज्यादा लुढ़ककर 23,250 से नीचे आ गया है । बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई, जबकि कुछ सेक्टरों में हल्की खरीदारी भी रही।
कल यानी 18 मार्च को बाजार में अच्छी तेजी थी। सेंसेक्स 633 अंक चढ़कर 76,704 पर बंद हुआ था और निफ्टी 197 अंक ऊपर 23,778 के पास पहुंचा था। लेकिन आज वैश्विक और घरेलू वजहों से बाजार लाल निशान में खुला और गिरावट बनी रही।
गिरावट की मुख्य 3 वजहें
ईरान-इजराइल युद्ध का बढ़ता तनाव – पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से सप्लाई चेन बिगड़ने का डर है। इससे कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेच रहे हैं और सुरक्षित निवेश की ओर जा रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल – ब्रेंट क्रूड ऑयल 111-112 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है (4% से ज्यादा की बढ़ोतरी)। WTI भी 99 डॉलर के करीब है। महंगाई बढ़ने की आशंका से बाजार पर दबाव है।
वैश्विक बाजारों का असर – अमेरिकी बाजार (वॉल स्ट्रीट) में 18 मार्च को गिरावट रही। डाउ जोन्स 768 अंक (1.63%) गिरकर 46,225 पर बंद हुआ, S&P 500 1.36% नीचे 6,624 पर और नैस्डैक 1.46% गिरकर 22,152 पर।
एशियाई बाजार भी आज लाल निशान में खुले, निक्केई 2.47% गिरा, कोस्पी 1.31-2.6% नीचे, हैंगसेंग 1.60% और शंघाई कंपोजिट 0.95% गिरा। अमेरिकी फेड रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने और युद्ध से महंगाई के खतरे ने भी निवेशकों का भरोसा कम किया है।
HDFC बैंक के चेयरमैन का इस्तीफा, शेयर 5% टूटा
HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती ने देर रात इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इस्तीफे में बैंक के कुछ तौर-तरीकों पर सवाल उठाए और कहा कि पिछले दो साल में देखी गई कुछ घटनाएं उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खातीं। बैंक ने RBI की मंजूरी से केकी मिस्त्री को 19 मार्च 2026 से तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है। वे पहले नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे। इस खबर से HDFC बैंक का शेयर आज करीब 5% गिरा और 804 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है । कच्चे तेल की कीमतें और जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने तक गिरावट जारी रह सकती है।


