LENS SPORTS DESK: भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल (Saina Nehwal retirement) ने प्रोफेशनल बैडमिंटन से संन्यास की आधिकारिक घोषणा कर दी है। 35 साल की साइना ने एक पॉडकास्ट में बताया कि घुटनों की गंभीर समस्या और आर्थराइटिस के कारण अब उनका शरीर उच्च स्तर पर खेलने की मांगों को पूरा नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कहा ‘मैंने दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था। मैं अपनी शर्तों पर खेल में आई थी और अपनी शर्तों पर ही बाहर निकल रही हूं, इसलिए कोई बड़ा ऐलान जरूरी नहीं लगा।’
साइना ने बताया कि उनके घुटनों का कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुका है। पहले जहां वे दिन में 8-9 घंटे ट्रेनिंग करती थीं, अब 1-2 घंटे में ही घुटने जवाब दे देते हैं और सूजन हो जाती है। उन्होंने कहा, ‘अब बहुत हो गया। मैं अपना करियर और नहीं खींच सकती।’
साइना का करियर 2016 रियो ओलंपिक में लगी घुटने की चोट से बुरी तरह प्रभावित हुआ था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2017 में विश्व चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल और 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर उन्होंने कमाल की वापसी की।

ओलंपिक में भारत का पहला बैडमिंटन मेडल
साइना ने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। वे ओलंपिक में मेडल जीतने वाली भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं। उन्होंने तीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 2008 में उन्होंने जूनियर विश्व चैंपियनशिप जीती और उसी साल पहली बार ओलंपिक में खेला। 2009 में सुपर सीरीज जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।
साइना को 2009 में अर्जुन अवॉर्ड और 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा गया। 2015 में वे विश्व रैंकिंग में नंबर 1 पर पहुंचने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बनीं। साइना ने कहा कि अब वे आगे बढ़ेंगी और नए सपनों को पूरा करेंगी। भारतीय बैडमिंटन में उनकी विरासत हमेशा याद की जाएगी साइना नेहवाल ने न सिर्फ मेडल जीते, बल्कि लाखों युवाओं को बैडमिंटन खेलने के लिए प्रेरित किया। उनकी विदाई भारतीय खेल जगत के लिए एक भावुक पल है।


