NATIONAL DEFENCE NEWS: भारत की रक्षा कूटनीति के लिए यह सप्ताह बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि रक्षा मंत्री Rajnath Singh 21 से 23 अप्रैल तक तीन दिवसीय जर्मनी दौरे पर जाएंगे। सात साल बाद होने जा रही इस यात्रा का मकसद भारत और जर्मनी के रक्षा संबंधों को नई ऊंचाई देना है। सबसे ज्यादा चर्चा करीब 80,000 करोड़ रुपये की संभावित पनडुब्बी डील को लेकर है, जिसके तहत भारतीय नौसेना को 6 नई एडवांस सबमरीन मिल सकती हैं।
इन पनडुब्बियों में AIP यानी एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन तकनीक होगी, जिससे वे दो से तीन हफ्ते तक पानी के अंदर रह सकेंगी। इससे दुश्मन के लिए इन्हें ट्रैक करना बेहद मुश्किल होगा। माना जा रहा है कि जर्मनी की कंपनी ThyssenKrupp Marine Systems इस परियोजना में बड़ी भूमिका निभा सकती है और पनडुब्बियां भारत में बनेंगी, जिससे Make in India और आत्मनिर्भर भारत को मजबूती मिलेगी।

इन सबमरीन में आधुनिक टॉरपीडो और BrahMos जैसी मिसाइलें लगाने की क्षमता भी होगी। दौरे के दौरान रक्षा मंत्री जर्मनी के रक्षा मंत्री Boris Pistorius और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। बैठकों में साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रक्षा उद्योग सहयोग और संयुक्त प्रशिक्षण जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इस यात्रा को भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है, जो क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
