
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के पास स्थित लोनी को स्विस कंपनी IQAir की 2025 वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट में दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया गया है। रिपोर्ट में लोनी का सालाना औसत PM2.5 स्तर 112.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा 5 माइक्रोग्राम से 22 गुना ज्यादा है। यह स्तर 2024 की तुलना में करीब 23 प्रतिशत बढ़ा है।
PM2.5 के छोटे कण फेफड़ों में गहराई तक जा सकते हैं और खून में मिल सकते हैं। इनसे सांस की बीमारियां, दिल की समस्याएं, स्ट्रोक, फेफड़ों का कैंसर और समय से पहले मौत का खतरा बढ़ जाता है। लोनी और आसपास के इलाकों के लोगों को खासकर सर्दियों और प्रदूषण के चरम महीनों में इसका सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ता है।
देशों की रैंकिंग
रिपोर्ट के अनुसार 2025 में पाकिस्तान दुनिया का सबसे प्रदूषित देश रहा, जहां PM2.5 का औसत स्तर WHO मानक से 13 गुना ज्यादा था। इसके बाद बांग्लादेश दूसरे और ताजिकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा। भारत इस सूची में छठे स्थान पर है। कुल 143 देशों और क्षेत्रों में से 130 देश WHO के दिशा-निर्देशों को पूरा करने में नाकाम रहे।
दुनिया के सबसे प्रदूषित 25 शहर भारत, पाकिस्तान और चीन में ही हैं। लोनी के बाद चीन का होतान शहर दूसरे स्थान पर रहा। रिपोर्ट में कुल 9,446 शहरों के आंकड़े शामिल किए गए लेकिन अमेरिका द्वारा कुछ वैश्विक निगरानी कार्यक्रम बंद करने के कारण कई देशों का डेटा कम उपलब्ध था।
2025 में दुनिया के केवल 14 प्रतिशत शहर ही WHO के मानक पर खरे उतरे, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 17 प्रतिशत था। IQAir की रिपोर्ट में कहा गया है कि 75 देशों में PM2.5 स्तर पिछले साल से कम हुआ, जबकि 54 देशों में बढ़ा। रिपोर्ट 24 मार्च 2026 को जारी की गई थी और इसमें 80,000 से ज्यादा मॉनिटरिंग सेंटरों के आंकड़ों का उपयोग किया गया है।


