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बिजनौर। नौकरी और बेहतर करियर की तलाश में जुटे युवाओं के लिए विवेक यूनिवर्सिटी का HR कॉन्क्लेव उम्मीद और मार्गदर्शन का बड़ा मंच बनकर सामने आया। विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग द्वारा आयोजित कॉन्क्लेव में देश की प्रतिष्ठित कंपनियों के वरिष्ठ HR अधिकारियों और कॉर्पोरेट विशेषज्ञों ने छात्रों को रोजगार बाजार की नई चुनौतियों और अवसरों से रूबरू कराया।
विशेषज्ञों ने साफ कहा कि अब समय केवल डिग्री के भरोसे नौकरी पाने का नहीं है, बल्कि स्किल, आत्मविश्वास और व्यवहारिक ज्ञान ही युवाओं को सफलता दिलाएंगे। कंपनियां ऐसे युवाओं को प्राथमिकता दे रही हैं जिनकी कम्युनिकेशन स्किल बेहतर हो, तकनीकी समझ मजबूत हो और जो बदलती तकनीक के साथ खुद को लगातार अपडेट रखते हों।
मार्कशीट नहीं, स्किल और व्यक्तित्व भी जरूरी
कॉन्क्लेव में छात्रों को बताया गया कि कंपनियां चयन के दौरान केवल अंक नहीं देखतीं, बल्कि यह भी परखती हैं कि उम्मीदवार टीम में काम करने, समस्याओं का समाधान निकालने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने में कितना सक्षम है। विशेषज्ञों ने कहा कि कई बार औसत अंक वाला छात्र भी अपने आत्मविश्वास और बेहतर व्यक्तित्व के दम पर बड़ी सफलता हासिल कर लेता है।
छात्रों ने पूछे सवाल, HR ने दिए जवाब
कार्यक्रम में छात्रों ने इंटरव्यू प्रक्रिया, सैलरी पैकेज, चयन के मानक और करियर ग्रोथ को लेकर बेबाक सवाल पूछे। इस पर HR अधिकारियों ने कहा कि फ्रेशर्स में सबसे पहले सीखने की ललक, सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता देखी जाती है।
भविष्य के रोजगार पर भी हुई चर्चा
कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने बताया कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और प्रोफेशनल मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ेंगी। ऐसे में छात्रों को समय रहते नई तकनीकों और कौशल पर काम करना चाहिए।
कार्यक्रम में कॉग्निजेंट के नबिन्द कुमार सिंह, ओकाया की अनपूर्णा सिंह, ऐप्सक्वाड्ज सॉफ्टवेयर की स्वेता पांडेय, अमिगा इन्फॉर्मेटिक्स की दीक्षा मिश्रा, जारो एजुकेशन के अर्जित पाठक, धारा मोटर फाइनेंस की राधिका भटनागर, कोका-कोला के सौरभ सिंह, ग्रेपसिटी की मधु बूजो और वाइल्डनेट टेक्नोलॉजी की आकांक्षा सिंह समेत कई कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने छात्रों से संवाद किया।
‘डिग्री के साथ रोजगार भी हमारा लक्ष्य’

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अमित गोयल ने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है जब वह युवाओं को आत्मनिर्भर बनाए। प्रति कुलाधिपति दीपक मित्तल ने कहा कि केवल पढ़ाई काफी नहीं, बल्कि तकनीकी दक्षता और बेहतर व्यक्तित्व भी जरूरी है। सीईओ अनिल शर्मा ने भविष्य में और बड़ी कंपनियों को जोड़कर छात्रों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की बात कही। कुलपति प्रो. एन.के. गुप्ता ने ऐसे कार्यक्रमों को छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाने वाला बताया।
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ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर नितेश वर्मा ने अतिथियों का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन श्रेया गुप्ता ने किया, जबकि आयोजन को सफल बनाने में सर्वेश शीतल, हर्ष कुमार, रिया भटनागर और पूरी प्लेसमेंट टीम की भूमिका रही। कॉन्क्लेव ने छात्रों को यह संदेश दिया कि बदलते दौर में सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि स्किल और तैयारी से मिलेगी।
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