Holi 2026:‘बुरा ना मानो’ नहीं चलेगा, होली पर जबरदस्ती रंग

NFA@0298
2 Min Read


Women Safety: होली का त्योहार खुशियों और रंगों का प्रतीक है, लेकिन इस दिन किसी की इच्छा के खिलाफ रंग लगाना, छेड़छाड़ करना या जबरदस्ती करना कानूनन अपराध है. ‘बुरा ना मानो होली है’ कहकर कोई भी व्यक्ति आपकी सहमति के बिना आपको छू नहीं सकता, रंग नहीं लगा सकता और न ही अभद्र व्यवहार कर सकता है.

दिल्ली हाई कोर्ट के एडवोकेट दीपक ठुकराल के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (BNS) में ऐसे मामलों के लिए स्पष्ट प्रावधान हैं, जिनके तहत तुरंत केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जा सकती है. BNS की धारा 74 के तहत किसी महिला को उसकी इच्छा के खिलाफ छूना, जबरन रंग लगाना या गले लगाना दंडनीय अपराध है,

– Advertisement –

Ad image

जिसमें 1 से 5 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है. धारा 75 (Sexual Harassment) के तहत अश्लील हरकतें, बिना सहमति शारीरिक संपर्क या अभद्र व्यवहार पर 3 साल तक की कैद का प्रावधान है. धारा 79 के अंतर्गत लज्जा भंग करने के इरादे से अभद्र टिप्पणी या इशारे करने पर भी 3 साल तक की सजा और जुर्माना लगाया जा सकता है.

वहीं धारा 115(2) के तहत जबरदस्ती रंग लगाते समय चोट पहुंचाना, धक्का देना या केमिकल वाले रंग से नुकसान पहुंचाना अपराध है, जिसमें 1 साल तक की कैद या जुर्माना हो सकता है. इसके अलावा धारा 270 के तहत सार्वजनिक उपद्रव जैसे सड़क पर हंगामा करना, जबरन पानी फेंकना या रास्ता रोकना भी दंडनीय है.

– Advertisement –

Ad image

कानून साफ कहता है कि महिलाओं या किसी भी व्यक्ति को रंग लगाने से मना करने का पूरा अधिकार है, और बिना सहमति रंग लगाना अपराध की श्रेणी में आता है. शिकायत मिलने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकती है और गंभीर मामलों में आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी भी संभव है. होली का जश्न मनाइए, लेकिन याद रखिए—सहमति ही सबसे बड़ा रंग है, वरना कानून का रंग चढ़ने में देर नहीं लगती.



Source link

Share This Article
Leave a Comment