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Governor RN Ravi walked out : तमिलनाडु विधानसभा के आज के सत्र में बड़ा विवाद हो गया। राज्यपाल आर.एन. रवि राष्ट्रगान को उचित सम्मान न मिलने से नाराज होकर सदन से बाहर चले गए। उन्होंने सदन में कहा, ‘मैं बहुत निराश हूं। राष्ट्रगान को उचित सम्मान नहीं दिया गया।’ राज्यपाल के बाहर निकलते ही सदन में हलचल मच गई और मामला तेजी से राजनीतिक रंग लेने लगा।
राज्यपाल ने आरोप लगाया कि उनके भाषण के दौरान माइक बार-बार बंद किया गया और उन्हें बोलने नहीं दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष एम. अप्पावु ने उन्हें सदन की परंपरा के अनुसार संबोधन देने का अनुरोध किया और नियमों का पालन करने की सलाह दी लेकिन राज्यपाल ने कहा कि उनका माइक बंद करना उनके पद का अपमान है।
बाद में राज्यपाल कार्यालय ने एक विस्तृत प्रेस रिलीज जारी की। इसमें उन्होंने सरकार द्वारा तैयार किए गए भाषण को पढ़ने से इनकार के 13 मुख्य कारण बताए। इनमें शामिल हैं: माइक बार-बार बंद करना, भाषण में भ्रामक दावे और असत्यापित बातें, निवेश के आंकड़े वास्तविकता से दूर, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं में ड्रग्स, दलितों पर अत्याचार, आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं, शिक्षा की गिरती गुणवत्ता आदि मुद्दों को नजरअंदाज करना, मंदिर प्रबंधन, MSME समस्याएं, ग्राम पंचायत चुनाव न होना जैसे कई गंभीर मुद्दों का जिक्र न होना। सबसे महत्वपूर्ण बात – राज्यपाल ने फिर से कहा कि राष्ट्रगान का अपमान हुआ, जो संवैधानिक कर्तव्य की अवहेलना है।
यह घटना तमिलनाडु में राज्यपाल और सरकार के बीच पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा देगी। राज्यपाल का यह कदम तीसरी बार ऐसा है जब उन्होंने सरकार का तैयार भाषण पढ़ने से इनकार किया। अब सदन में विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस होने की संभावना है। यह घटना राष्ट्रगान के सम्मान और संवैधानिक पदों की गरिमा को लेकर नई बहस छेड़ सकती है।
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