रायपुर। भाजपा के एक दिग्गज नेता सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। लेकिन, सरकार इन आरोपों पर खामोश है। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स छत्तीसगढ़ परिषद के विवाद में बृजमोहन अग्रवाल सरकार के मुकाबले खड़े नजर आ रहे हैं।
साय सरकार के दो वर्षों में पार्टी के भीतर ही यह सबसे बड़ा विवाद बन गया है, जिसमें बृजमोहन अग्रवाल ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड परिषद का पदेन अध्यक्ष बनाए जाने को चुनौती दी है। इस नियुक्ति के खिलाफ वे अदालत तक चले गए, लेकिन भाजपा खामोश है।
संगठन के नेता कहते हैं, हमें इस मामले में चुप रहने को कहा गया है। जिन मंत्री गजेंद्र यादव पर आरोप लगा है, उनके पिता बिसरा राम यादव राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी रह चुके हैं। संघ तो सामान्य तौर पर ऐसे किसी मामले में खुलकर अपनी राय रखता नहीं है। लेकिन, जो दर्ज हो रहा है वह यह कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, भाजपा संगठन और छत्तीसगढ़ सरकार इनमें से कोई भी इस विवाद का पटाक्षेप नहीं करवा पा रहा है, क्योंकि भाजपा के सूत्र बताते हैं कि बृजमोहन अग्रवाल के लिए यह प्रतिष्ठा की भी लड़ाई बन गई है और दूसरी तरफ पिता की वजह से पार्टी और सरकार में रसूख रखने वाले मंत्री गजेंद्र यादव भी बैकफुट पर आने को तैयार नहीं हैं।
भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जैन साफ तौर पर बृजमोहन अग्रवाल के खिलाफ गजेंद्र यादव के पक्ष में खड़े हो गए। गजेंद्र यादव की पदेन अध्यक्ष पद पर नियुक्ति का जो आदेश वायरल है, उसमें यह लिखा हुआ है कि इस नियुक्ति को मुख्यमंत्री ने अनुमोदित किया है।
सरकार के जानकार सूत्र कहते हैं कि सामान्यत: इस तरह के आदेश में ‘मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदित’ जैसी बात का उल्लेख नहीं होता। चर्चा यह है कि क्या अफसरों ने मुख्यमंत्री को अंधेरे में रख इस तरह के आदेश पर उनका अनुमोदन ले लिया। या अफसरों पर ऐसा करने का दबाव था, तो मुख्मंत्री द्वारा अनुमोदित पंक्ति अपना बचाव करने के लिए लिख दी गई।
सत्ता के गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि अगर शिक्षा मंत्री प्रदेश के स्काउट एंड गाइड परिषद के पदेन अध्यक्ष होंगे तो क्या उन कुछ दिनों में जब मंत्रालय का प्रभार खुद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पास था, क्या तब वे प्रदेश स्काउट एंड गाइड के पदेन अध्यक्ष थे।
अगर अब तक इस घटनाक्रम पर नजर डालें तो जंबूरी शुरू हो गई है, जो 13 जनवरी तक चलेगी।
दूसरी तरफ इस मामले में जब हाई कोर्ट में सुनवाई का समय आया तो जज ने इसे अगली पेशी में सुनने की बात कही।
बृजमोहन अग्रवाल और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच स्काउट गाइड के छत्तीसगढ़ परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर चल रही खींचतान पर जब भाजपा का पक्ष जानने की कोशिश की तो भाजपा प्रवक्ताओं ने एक लाइन में यह बात कही कि इस मामले में पार्टी ने कुछ भी कहने से मना किया है।
अनिल जैन के बयान के बाद इस विवाद पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ताजा अपडेट पर कुछ भी कहने के लिस तैयार नहीं हुए।
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