नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में आधी रात भारी बवाल मच गया। एक छात्र के साथ प्राक्टोरियल बोर्ड के द्वारा की गई कथित अभद्रता को लेकर BHU के छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। इस घटना में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं जिनमें छात्र, पुलिसकर्मी और सुरक्षागार्ड तीनों शामिल हैं।
पत्थरबाजी के दौरान एलडी गेस्ट हाउस के बाहर रखे हुए कई दर्जन गमले टूट गए। हालात को काबू में करने के लिए आधा दर्जन थानों की पुलिस पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने स्टूडेंट्स को उनके हॉस्टलों दौड़ा दौड़ा कर पीटा। लगभग दो घंटे तक कैंपस में अफरातफरी की स्थिति बनी रही। इस पूरे बवाल के दौरान पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी स्टूडेंट्स को मारने के लिए दौड़ाते रहे।
ये पूरा बवाल तब शुरू हुआ जब एक छात्र टक्कर के बाद हुई दुर्घटना में मोटरसाइकिल से गिरने के बाद प्राक्टोरियल बोर्ड में पहुंचा था जहां उसके साथ मारपीट की गई।
इस घटना के बाद छात्रों के दो गुटों के भी बवाल भड़क गया। मुंह बांधे हुए कुछ स्टूडेंट्स एक दूसरे स्टूडेंट को घेरकर मार रहे थे, तभी वहां पहुंचे सुरक्षाकर्मियों ने स्टूडेंट्स को पकड़कर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के हवाले कर दिया।
इसके बाद 400 से ज्यादा छात्र हॉस्टल से आए और सुरक्षाकर्मियों पर टूट पड़े। जवाब पुलिसकर्मियों और सुरक्षा गार्डों ने जवाबी हमला किया तो मामला और गर्म हो या। हॉस्टल से निकलकर छात्र कुलपति आवास के बाहर बैठकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिए। इस धरने के दौरान विवाद बढ़ता गया और अचानक से पत्थरबाजी होने लगी।
दरअसल यह मामला 2 दिसंबर की शाम से शुरू हुआ था. तब, बीएचयू के राजा राम मोहन रॉय हॉस्टल का एक छात्र बाइक एक्सीडेंट में घायल हो गया। बाइक एक्सीडेंट में घायल हुए छात्र चोट लगने के बाद वो यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टोरियल बोर्ड में शिकायत करने गया था। जहां उसे पीट दिया गया।
छात्र के साथ हुए व्यवहार के विरोध में राजा राम मोहन राय हॉस्टल के अलावा बिरला और कुछ और हॉस्टल के छात्र इकट्ठे होकर प्रदर्शन करने लगे आरोप है कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड के जवानों ने छात्रों पर लाठी चला दी।
इसी के बाद उग्र छात्रों ने पथराव किया यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हालात को देखते हुए पुलिस को बुलाया है. भारी संख्या में पुलिस को यूनिवर्सिटी में तैनात किया गया है।स्थिति तनावपूर्ण है।

