
अभनपुर-रायपुर। Raipur Crime : राजधानी रायपुर के राखी थाना क्षेत्र में पुलिस ने ब्लैकमेलिंग के एक मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने प्रार्थी के ही एक पुराने परिचित, धर्मेंद्र चौहान को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर प्रार्थी से ₹9,50,000 की मोटी रकम वसूल ली थी।
अनजान कॉल से बिछा जाल

मामले की शुरुआत तब हुई जब प्रार्थी को दो अनजान मोबाइल नंबरों (9795675336 और 8527958502) से कॉल आए। कॉल करने वाले ने खुद को सतर्कता विभाग/ACB का बताते हुए डराया कि प्रार्थी के खिलाफ गंभीर शिकायतें दर्ज हुई हैं। घबराए हुए प्रार्थी ने यह बात अपने पुराने परिचित धर्मेंद्र चौहान को बताई।
दोस्ती की आड़ में रची बड़ी साजिश
जगदलपुर में टेंट का व्यवसाय करने वाला आरोपी धर्मेंद्र चौहान प्रार्थी की कमजोरियों और उसके पुराने कार्यों से अच्छी तरह वाकिफ था। उसने इस स्थिति का फायदा उठाने की योजना बनाई। आरोपी ने प्रार्थी को वे नंबर ब्लॉक करने की सलाह दी और खुद मामला सुलझाने का आश्वासन दिया। फिर फर्जी अधिकारी बन आरोपी ने अपनी एक महिला मित्र के नाम पर जारी सिम (7648072849) का उपयोग कर खुद को EOW का अधिकारी बताया। उसने प्रार्थी को व्हाट्सएप पर शिकायत की फर्जी प्रति भेजी और मामला खत्म करने के नाम पर ₹10 लाख की मांग की। प्रार्थी ने डर के मारे आरोपी को कुल ₹9,50,000 दे दिए।
प्रार्थी की शिकायत पर राखी थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी धर्मेंद्र चौहान को धर दबोचा। पुलिस ने उसके पास से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319, 204, 308(2), 351(2) और IT एक्ट की धारा 66-D के तहत मामला दर्ज किया गया है।
घबराएं नहीं, शिकायत करें:
यदि कोई भी व्यक्ति ACB, EOW या पुलिस के नाम पर आपको डराता-धमकाता है या पैसे की मांग करता है, तो तुरंत आधिकारिक माध्यमों से संपर्क करें।
ACB/EOW संपर्क सूत्र:



