
खबर हेमंत तिवारी,,,,,,✍️✍️
गरियाबंद/राजस्थानी चरवाहे द्वारा गरियाबंद जिले के मजदूर को साल भर काम करवाने के बाद भी बेचारे मजदूर को पैसा नहीं देने का मामला सामने आया है।गरियाबंद विकासखंड के ग्राम सुहागपुर निवासी चुम्मन निषाद , उसकी मां व नाना ने बताया कि राजस्थानी चरवाहे उसे साल भर पहले भेड़ बकरी चराने के लिए अपने साथ ले गया था जब साथ ले गया तो प्रतिमाह 5 हजार वेतन देने वा रहने खाने की फ्री व्यवस्था की बात कही थी। जब युवक पैसा मांगा तो उसे मात्र ₹12 हजार रुपए थमा दिए

और उसका मोबाइल भी रख लिया,और बाकी के पैसे नहीं दिए। युवक चुम्मन ने बताया कि पुरे बरसात, कड़कड़ाती ठंडी और भारी गर्मी में भेड़ बकरी चराया और मेरा मजदूरी नहीं दिया।तंग आकर युवक काम छोड़कर घर चला आया अब वह किसी दूसरे व्यक्ति के पास काम कर रहा है ऐसे में 19 वर्षीय चुम्मन निषाद अपने परिवार का भरण पोषण खुद ही कर रहा है क्योंकि बचपन में पिता का साया सर से उठ गया उसके बाद मां के ऊपर पूरी जिम्मेदारी आ गई किसी तरह वे अपना परिवार लेकर नाना के घर रहती है।और रोजी मजदूरी का काम कर रही है ।गरीब युवक को इस तरह साल भर काम करने के बाद आर्थिक रूप से शोषण किया गया है। न्याय नहीं मिलने पर परिवार पुलिस थाना वा कलेक्टर से शिकायत करने की बात कह रहे हैं।
,,,,,,,,,,,,,,,वही जब इस बारे में संबंधित राजस्थानी भेड़ बकरी चरवाहे से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि लड़का अपनी मर्जी से काम छोड़ कर गया है उसने अपना मोबाइल छोड़कर गया है और पैसा थोड़ा बहुत बचा है । जिसे मैं दे दूंगा।


