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वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम कब जुड़ा? 21 सितंबर

By NS
On: August 30, 2026 3:54 AM
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Sonia Gandhi Voter List: कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के मतदाता सूची में नाम दर्ज होने को लेकर चल रहा पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि 1983 में भारतीय नागरिकता मिलने से करीब तीन साल पहले ही उनका नाम वोटर लिस्ट में दर्ज हो गया था। इस मामले में निचली अदालत जांच की मांग खारिज कर चुकी है। अब इसी फैसले को चुनौती देने वाली पुनरीक्षण याचिका पर दिल्ली की अदालत 21 सितंबर को अपना आदेश सुनाएगी।

क्या है पूरा विवाद?

अधिवक्ता विकास त्रिपाठी ने आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिकता हासिल करने से पहले ही मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया था। उनका दावा है कि नाम करीब तीन साल पहले दर्ज किया गया था।

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इसी आधार पर उन्होंने मामले की जांच कराने की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था। हालांकि, 11 सितंबर 2025 को मजिस्ट्रेट अदालत ने शिकायत खारिज कर दी और जांच के आदेश देने से इनकार कर दिया।

इसके बाद विकास त्रिपाठी ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए पुनरीक्षण याचिका दाखिल की।

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21 सितंबर को कोर्ट के सामने क्या सवाल है?

मामले की सुनवाई दिल्ली के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत में हो रही है। अदालत अब 21 सितंबर को अपना आदेश सुनाएगी।

हालांकि, इस तारीख को कोर्ट यह तय नहीं कर रहा है कि सोनिया गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं। फिलहाल मुख्य सवाल यह है कि क्या मजिस्ट्रेट अदालत ने शिकायत की जांच से इनकार करके सही फैसला किया था या इस मामले में आगे जांच की जरूरत है।

अदालत अगर निचली अदालत के फैसले में हस्तक्षेप करती है तो मामले में आगे जांच का रास्ता खुल सकता है। वहीं, अगर फैसला बरकरार रहता है तो शिकायतकर्ता की मौजूदा याचिका पर आगे की कार्रवाई का रास्ता सीमित हो जाएगा।

सोनिया गांधी की ओर से क्या कहा गया?

सोनिया गांधी की ओर से अदालत में जवाब दाखिल किया गया है। उनके वकील ने शिकायत को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है और दावा किया है कि इसे किसी अन्य उद्देश्य से दाखिल किया गया है।

मामले की सुनवाई इससे पहले भी हो चुकी है। जनवरी 2026 में सोनिया गांधी की ओर से पेश वकील ने जवाब तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। उनका कहना था कि मामला काफी पुराने रिकॉर्ड से जुड़ा है और संबंधित दस्तावेज जुटाने में समय लग रहा है।

दिल्ली पुलिस से भी मांगा गया था जवाब

विकास त्रिपाठी की पुनरीक्षण याचिका पर अदालत पहले दिल्ली पुलिस और सोनिया गांधी से जवाब मांग चुकी है। सभी पक्षों की दलीलें और जवाब सामने आने के बाद अब अदालत अपने आदेश की ओर बढ़ रही है।

सोनिया गांधी की नागरिकता पर भी पहले उठे सवाल

सोनिया गांधी के विदेशी मूल को लेकर भारतीय राजनीति में पहले भी विवाद रहा है। 1999 में यह मुद्दा खास तौर पर चर्चा में आया था, जब सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष थीं और उनके प्रधानमंत्री पद के दावेदार होने की चर्चा चल रही थी।

उस समय शरद पवार, पी.ए. संगमा और तारिक अनवर ने विदेशी मूल के मुद्दे पर सवाल उठाए थे। बाद में इन नेताओं ने कांग्रेस से अलग होकर 10 जून 1999 को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का गठन किया।

हालांकि, मौजूदा मामला विदेशी मूल से अलग है। इस बार अदालत के सामने सवाल मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के समय और उस संबंध में लगाए गए आरोपों का है।

अब 21 सितंबर पर टिकी नजर

करीब ढाई दशक पुराने राजनीतिक विवादों से अलग यह मामला अब कानूनी प्रक्रिया के अगले पड़ाव पर है। 21 सितंबर को दिल्ली की अदालत का आदेश यह तय करेगा कि इस शिकायत में आगे जांच की गुंजाइश बनती है या नहीं।

नोट: सोनिया गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोप फिलहाल आरोप ही हैं। अदालत ने इन आरोपों को सही ठहराने वाला कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।



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