
नई दिल्ली। NEET (UG) 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने शुक्रवार को आठवीं गिरफ्तारी करते हुए पुणे से केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी (PV Kulkarni) को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक कुलकर्णी इस पूरे पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड है।
CBI का दावा है कि कुलकर्णी लातूर का रहने वाला है और लंबे समय तक NEET पेपर तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा रह चुका है। वह केमिस्ट्री का डोमेन एक्सपर्ट था और उसे प्रश्नपत्र तक सीधी पहुंच हासिल थी।
जांच एजेंसी के अनुसार कुलकर्णी पुणे में अपने घर से कोचिंग क्लास चलाता था, जहां वह परीक्षा से पहले ही छात्रों को संभावित सवाल और उनके सही जवाब बता देता था। आरोप है कि 3 मई को हुई परीक्षा से पहले अप्रैल के आखिरी सप्ताह में आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से कई छात्रों को लीक पेपर उपलब्ध कराया गया था।
CBI जांच में यह भी सामने आया है कि NEET 2026 का पेपर 1 मई को ही लीक कर दिया गया था। कथित तौर पर यह पेपर ‘प्राइवेट माफिया’ नाम के एक टेलीग्राम ग्रुप पर शेयर किया गया था। ग्रुप में डाली गई PDF फाइल में सेट नंबर 12 दिखाई दिया, जिसकी तुलना NEET के असली सेट नंबर 12 से करने पर कई सवाल हूबहू मैच करते पाए गए।
बताया जा रहा है कि फिजिक्स सेक्शन में बॉल के वर्टिकली ऊपर जाने और वापस आने से जुड़े वेलोसिटी और टाइम वाले सवाल समेत कई प्रश्न लीक बताए जा रहे पेपर और असली प्रश्नपत्र में पूरी तरह समान थे। हालांकि, वायरल टेलीग्राम पेपर को लेकर स्वतंत्र रूप से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इधर, पेपर लीक मामले से परेशान होकर दिल्ली की 20 वर्षीय छात्रा, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के 21 वर्षीय युवक और गोवा के 17 वर्षीय छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। वहीं CBI लगातार इस रैकेट से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
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