
नई दिल्ली: सरकारी तेल कंपनियों ने आज देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी करने का ऐलान कर दिया है। अब इस बढ़ोतरी पर सियासत भी शुरू हो गई है। पेट्रोल डीजल की कीमत बढ़ने पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि गलती मोदी सरकार की, कीमत जनता चुकाएगी। 3 रुपये का झटका आ चुका, बाकी वसूली किस्तों में की जाएगी।
बता दें इससे पहले भी राहुल गांधी ने पीएम मोदी को कप्रोमाइज्ड पीएम बताया था। पेट्रोल-डीजल की कीमत में यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास की अशांति के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी से प्रेरित थी। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर लगभग 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गईं, जबकि डीजल की कीमत लगभग 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गई।

कांग्रेस पार्टी ने भी मोदी सरकार को घेरा
वहीं, कांग्रेस पार्टी ने भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर अपने एक्स हैंडल पर प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस पार्टी न एक्स हैंडल पर लिखा “मोदी सरकार ने देश की एनर्जी सिक्योरिटी का अमेरिका के सामने जो समर्पण किया उसकी कीमत पूरा देश पेट्रोल, डीजल, गैस की भारी किल्लत से चुका रहा है। पहले मोदी सरकार ने अमेरिका के कहने पर रूस से सस्ता तेल खरीदना बंद किया। फिर युद्ध के बीच में अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने की ‘छूट’ दी, जो 16 मई को खत्म हो रही है।”
अब एक बार फिर मोदी सरकार बजाय ख़ुद देशहित में निर्णय लेने के, ट्रंप के आगे गिड़गिड़ा रही है, रूस से तेल खरीदने की इजाजत मांग रही है। जो निर्णय हमारा होना चाहिए था, उसकी इजाजत एक तीसरे देश से मांगी जा रही है – इससे ज़्यादा देश की संप्रभुता और स्वाधीनता का क्या मखौल होगा। एपस्टीन फाइल और अडानी की वजह से मोदी भारत के मान-सम्मान का सौदा कर रहे हैं। हम किस देश से तेल लेंगे, ये तय करने वाला अमेरिका कौन होता है? भारत का फैसला भारत लेगा, ‘हम भारत के लोग’ लेंगे, ना कि व्हाइट हाउस में बैठा कोई अमेरिकी। एक कंप्रोमाइज्ट प्रधानमंत्री का खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है।
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा की भी आई प्रतिक्रिया
वहीं, आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी पर कहा कि इस सरकार को लोकसंवेदनाओं से कोई मतलब नहीं है। इस देश में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ से बहुत नुकसान होगा। मैं चाहता हूं कि 12 महीने चुनाव हो क्योंकि यह सरकार चुनाव से डरती है। इसका(ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी) कई क्षेत्रों पर प्रभाव पड़ेगा।



