अजमेर: गली के कुत्ते ने डेढ़ महीने के मासूम को नोचा, आंतें आईं बाहर

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अजमेर। अजमेर जिले के 40 किलोमीटर दूर पीसांगन कस्बे में स्थित कालेसरा गांव की एक झोपड़ी में शुक्रवार रात को गली के कुत्ते ने एक डेढ़ माह के मासूम को अपना निवाला बनाने के लिए हमला बोल दिया।

मासूम की मां उस समय झोपड़ी के बाहर रसोई में खाना बना रही थी। झोपड़ी के भीतर उसके दो बच्चे एक तीन साल का अरविंद और दूसरा डेढ़ माह का बेटा सांवरा सो रहे थे। गली के कुत्ता उसकी नजर बचकर झोपड़ी में घुस गया और उसके डेढ़ साल के बेटे सांवरा पर हमला बोल दिया।

पीड़ित मासूम सांवरा की चीख सुनकर जब उसकी मां 30 वर्षीय केलम झोपड़ी में पहुंची तो पाया कि उसके बेटे सांवरा को एक कुत्ते ने अपने मुंह में दबोच रखा है। उसने कुत्ते के जबड़े से बच्चे को बचाने के लिए 5 मिनट तक संघर्ष किया और उससे छुड़ा कर कुत्ते के बाहर भागने तक उस पर लेट गई।

केलम का कहना रहा कि इस दौरान उसका दूसरा बेटा जिसे उसने कंबल उड़ाकर सुलाया था वह कुत्ते की नजर से बच गया। बच्चों के पिता को सूचित किया गया तो वे गांव से किराए की गाड़ी लेकर बच्चे को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल पहुंचे। यहां डाक्टरों ने रात में ही प्राथमिक सर्जरी कर बच्चे की जान बचाने की कोशिश की।

अस्पताल के अधीक्षक डॉ अरविंद खरे ने बताया कि झोपड़ी में सो रहे बच्चे पर कुत्ते ने हमला किया था। उसका इलाज चल रहा है। उसकी स्थिति सामान्य होने पर सर्जरी की जाएगी।

जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अनिल सामरिया ने बताया कि बच्चे की स्थिति गंभीर और नाजुक है। वह फिलहाल कोमा में है और वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया गया है। डॉ गरिमा अरोड़ा के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है जो 24 घंटे बच्चे की निगरानी कर रही है।

डॉक्टरों के अनुसार जब बच्चे की स्थिति स्टेबल होगी और उसे होश आएगी तब उसकी सर्जरी प्लान की जाएगी। चिकित्सकों ने बताया कि कुत्ते के हमले से बच्चे की आंते बाहर आ गई और अन्य अंग भी प्रभावित हुए हैं।

 



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