60 बदमाशों की लगी परेड

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भूपेश पसायत, रायपुर। Raipur Crime : राजधानी में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस ने मोर्चा खोल दिया है। पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के दिशा-निर्देश पर रायपुर के नॉर्थ जोन में विशेष अभियान ऑपरेशन कालचक्र चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराधियों में खौफ पैदा करना और शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना है।

 पुलिस की रेड

2 अप्रैल 2026 की तड़के सुबह जब शहर सो रहा था, तब पुलिस की अलग-अलग टीमें संवेदनशील इलाकों में दबिश दे रही थीं। एडिशनल डीसीपी आकाश मरकाम और एसीपी उरला पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में खमतराई, उरला, गुढ़ियारी, पंडरी और खम्हारडीह थाना क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रेड कार्रवाई की गई।

थाने में लगी 60 बदमाशों की परेड

इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र के निगरानी बदमाशों, गुंडा बदमाशों और संदिग्धों को पकड़कर थाने लाया गया। कुल 60 अपराधिक तत्वों को थाना हाजिर कर उनकी परेड ली गई और उन्हें सख्त चेतावनी दी गई कि यदि वे दोबारा अपराध में संलिप्त पाए गए, तो उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।

ऑपरेशन कालचक्र में लंबे समय से फरार चल रहे कुल 14 स्थाई वारंट, 41 गिरफ्तारी वारंट और 37 जमानती वारंट तामिल किए गए। आर्म्स एक्ट के तहत 3 आरोपियों को पकड़ा गया। वहीं आबकारी एक्ट के तहत 48 पौवा देशी शराब के साथ 1 आरोपी को गिरफ्तार किया गया। शांति भंग करने की आशंका में 20 आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्यवाही की गई। ऐसे 14 पुराने मामले जिनमें आरोपी फरार थे, उनमें पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरणों का निपटारा किया।

क्यों चलाया जा रहा है ऑपरेशन कालचक्र?

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना और संगठित अपराध के नेटवर्क को तोड़ना है। विशेषकर चाकूबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए पुराने चाकूबाजों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।



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