
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में विक्रम उत्सव-2026 के तहत आज गुरुवार को शिप्रा तट एक बार फिर भव्य आयोजन का साक्षी बनेगा। सृष्टि आरंभ दिवस और उज्जयिनी गौरव दिवस के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में नृत्य-नाट्य, संगीत, ड्रोन शो और आतिशबाजी के साथ परंपरा और आधुनिकता का अनूठा मेल देखने को मिलेगा।
शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि विक्रम उत्सव 2026 के अंतर्गत आज सायं 7:00 बजे शिप्रा तट पर “सृष्टि आरंभ दिवस–उज्जयिनी गौरव दिवस” का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जो उत्सव के प्रथम चरण का प्रमुख आकर्षण रहेगा। भक्ति, संस्कृति और आधुनिक तकनीक के संगम से सजे इस आयोजन में “महादेव नदी कथा” की नृत्य-नाट्य प्रस्तुति, सुप्रसिद्ध पार्श्वगायक विशाल मिश्रा की संगीतमय प्रस्तुति, ड्रोन शो, आतिशबाजी, सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण एवं महत्वपूर्ण प्रकाशनों का लोकार्पण जैसे विविध आकर्षण शामिल रहेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे। इस गरिमामयी अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल एवं नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव की विशेष उपस्थिति रहेगी।
तिवारी ने बताया कि इस वर्ष उत्सव को दो प्रमुख चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में 12 फरवरी से 19 मार्च तक विभिन्न सांस्कृतिक, धार्मिक, अकादमिक एवं शोधपरक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवधि में विविध कार्यक्रम, व्याख्यानमालाएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं परंपरागत ज्ञान पर आधारित आयोजन संपन्न हुए। साथ ही विक्रम व्यापार मेला एवं वन मेला के माध्यम से व्यापारिक गतिविधियों, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन तथा नवाचारों को मंच प्रदान किया गया। विक्रम उत्सव 2026 के अंतर्गत प्रथम चरण का मुख्य आयोजन आज सायं 7:00 बजे शिप्रा तट पर “सृष्टि आरंभ दिवस – उज्जयिनी गौरव दिवस” के रूप में भव्यता के साथ आयोजित किया जा रहा है।
वहीं, द्वितीय चरण की शुरुआत आज से “जल गंगा संवर्धन अभियान” के रूप में होगी। इसके अंतर्गत जल संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता एवं नदी पुनर्जीवन से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इस अभियान में विशेष रूप से किसान कल्याण पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें जल प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, संसाधन संरक्षण एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी पहलें शामिल रहेंगी।
तिवारी के अनुसार विक्रम उत्सव का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सरोकारों, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक उन्नयन को भी समान महत्व देता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे इस दीर्घकालीन उत्सव में सक्रिय सहभागिता कर उज्जैन की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
शिप्रा तट पर पार्श्व गायक विशाल मिश्रा की प्रस्तुति आज
विक्रम उत्सव 2026 के अंतर्गत आज सायं 7:00 बजे शिप्रा तट पर आयोजित कार्यक्रम में कला, संस्कृति और अध्यात्म का समन्वित स्वरूप प्रस्तुत किया जाएगा, जो दर्शकों के लिए अविस्मरणीय अनुभव रहेगा। कार्यक्रम की शुरुआत “महादेव नदी कथा” की भव्य नृत्य-नाट्य प्रस्तुति से होगी, जिसमें शिप्रा और भगवान शिव की महिमा का सजीव चित्रण किया जाएगा। इसके पश्चात सुप्रसिद्ध पार्श्वगायक विशाल मिश्रा एवं उनकी टीम द्वारा संगीतमय प्रस्तुति दी जाएगी। आयोजन में आधुनिक आकर्षण के रूप में भव्य आतिशबाजी एवं ड्रोन शो भी शामिल किया गया है। साथ ही प्रतिभाओं के सम्मान का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही विक्रम पंचांग 2083, भारत निधि (मोनोग्राफ), आर्ष भारत, 84 महादेव एवं विक्रमांक (पत्रिका) जैसे महत्वपूर्ण प्रकाशनों का लोकार्पण भी किया जाएगा।


