लगातार विरोध के घेरे में सचिव: भरर में भी पदभार लेने से रोके गए महेंद्र साहू

NFA@0298
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पाटन जनपद पंचायत पाटन क्षेत्र में पदस्थ पंचायत सचिव महेंद्र साहू के खिलाफ विरोध का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब यह विरोध ग्राम पंचायत भरर तक पहुंच गया है, जहां पदभार ग्रहण करने पहुंचे सचिव को ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।
मंगलवार को पंचायत सचिव महेंद्र साहू, वरिष्ठ करारोपण अधिकारी सीएल भूआर्य एवं करारोपण अधिकारी कन्हैया लाल मन्नाडे के साथ ग्राम पंचायत भरर पहुंचे थे। उनका उद्देश्य विधिवत रूप से पदभार ग्रहण करना था, लेकिन जैसे ही उनके आने की सूचना ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों को मिली, मौके पर विरोध शुरू हो गया।
पंचायत प्रतिनिधियों ने साफ शब्दों में उनका विरोध करते हुए पदभार ग्रहण नहीं करने दिया। स्थिति को देखते हुए सचिव महेंद्र साहू को बिना कार्यभार संभाले ही बैरंग लौटना पड़ा।
इससे पहले सोमवार को ग्राम भरर की सरपंच कौशिल्या साहू ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट रूप से मांग की थी कि महेंद्र साहू को उनके ग्राम पंचायत में पदस्थ न किया जाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव के कार्यों को लेकर पहले भी कई स्थानों पर विवाद की स्थिति बन चुकी है। यही कारण है कि वे अपने ग्राम पंचायत में उन्हें पदस्थ नहीं देखना चाहते।
गौरतलब है कि पंचायत सचिव महेंद्र साहू का महज 38 दिनों के भीतर तीसरी बार तबादला हो चुका है। पतोरा, जामगांव आर, पहडोर के बाद अब भरर में भी उनका विरोध सामने आना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
लगातार हो रहे विरोध और बार-बार के तबादलों के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है और क्या सचिव की पदस्थापना भरर में बनी रहती है या फिर एक बार फिर बदलाव की स्थिति बनती है।

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प्रशासनिक आदेश पर भरर में स्थापना आदेश जारी हुआ है। लेकिन ग्राम पंचायत द्वारा सचिव को पदभार नहीं देने आवेदन दिया गया है। मंगलवार को सचिव विधिवत पदभार लेने भरर गए थे लेकिन पदभार नहीं हुआ है।
जोगेंद्र साहू सीईओ जनपद पंचायत पाटन



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