![]()
लखनऊ। एलडीए की प्रबंध नगर सहित विभिन्न आवासीय योजनाओं में भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में हुई लापरवाही की जांच के लिए प्राधिकरण ने एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाएगी कि किन अधिकारियों की लापरवाही से प्राधिकरण को आर्थिक नुकसान हुआ। जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
दरअसल, एलडीए की कुछ आवासीय योजनाओं के लिए अधिग्रहित की गई भूमि से जुड़े मामलों में न्यायालय द्वारा प्रतिकर बढ़ाने के आदेश दिए गए थे। इन आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में समय पर अपील दाखिल की जानी थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा में अपील न होने के कारण मामला विलंब से दाखिल हुआ।
अपर सचिव सीपी त्रिपाठी की अध्यक्षता में गठित कमेटी पूरे प्रकरण की समीक्षा करेगी और यह भी देखेगी कि किन स्तरों पर चूक हुई।ये होंगे समिति के सदस्यजांच समिति में अपर सचिव सीपी त्रिपाठी को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं संयुक्त सचिव (अर्जन) एसपी सिंह, विशेष कार्याधिकारी संगीता राघव, उपजिलाधिकारी विराग करवरिया और चकबंदी अधिकारी हेमचंद्र तिवारी को सदस्य बनाया गया है। यह समिति संबंधित सभी अभिलेखों की जांच करेगी और पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।दो सप्ताह में देनी होगी रिपोर्टप्राधिकरण उपाध्यक्ष के आदेश के मुताबिक समिति को दो सप्ताह के भीतर अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।


