खाड़ी देशों से निकलने के लिए प्राइवेट जेट की मांग बढ़ी

NFA@0298
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लेंड डेस्‍क। अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच तेज़ होता सैन्य संघर्ष खाड़ी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर यात्रा व्यवधान पैदा कर रहा है। अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इज़रायल के साथ-साथ गल्फ देशों में अमेरिकी ठिकानों और अन्य लक्ष्यों पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए हैं, जिससे कई देशों का हवाई क्षेत्र बंद हो गया है।

इस तनाव के कारण दुबई, अबू धाबी (UAE), दोहा (कतर), बहरीन, कुवैत आदि प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द या स्थगित हो गई हैं। फ्लाइट ट्रैकिंग साइट्स और एयरलाइंस के अनुसार हजारों उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जिससे लाखों यात्री फंस गए हैं। कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि खाड़ी देशों से बाहर जाने वालों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, खासकर अमीर और उच्च-आय वाले लोग जो सुरक्षित निकासी की तलाश में हैं।

रियाद (सऊदी अरब) का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब क्षेत्र से निकासी का प्रमुख केंद्र बन गया है, क्योंकि अन्य गल्फ हब बंद हैं। प्राइवेट जेट चार्टर ब्रोकर्स ने बताया है कि निजी जेट्स और एयर एम्बुलेंस की मांग में भारी वृद्धि हुई है। कुछ रूट्स पर चार्टर की कीमतें लाखों डॉलर तक पहुंच गई हैं। जैसे रियाद से यूरोप/एशिया के लिए 350,000 डालर तक कीमतें पहुंच चुकी हैं।

euro news ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यूएई ने फंसे हुए यात्रियों के लिए विशेष उड़नें शुरू की हैं। इसके अलावा, यूएई सरकार ने 20,000 से अधिक फंसे यात्रियों के लिए होटल ठहरने, भोजन और अन्य खर्चों को कवर करने की घोषणा की है। राज्य मीडिया और रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यूएई ने सभी प्रभावित यात्रियों के लिए आवास, भोजन और रीबुकिंग खर्च वहन करने का फैसला किया है।



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