
गाजियाबाद। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप सिंह ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कथित रूप से झूठे मामलों में फंसाने की साजिश की कड़ी निंदा की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से तत्काल हस्तक्षेप कर शंकराचार्य के सम्मान और गरिमा की रक्षा करने की मांग की।
धीरेंद्र प्रताप ने आरोप लगाया कि एक ओर भारतीय जनता पार्टी स्वयं को हिंदुओं का संरक्षक बताती है, वहीं दूसरी ओर शंकराचार्य जैसे प्रमुख धर्मगुरु को घटिया आरोपों में जेल भेजने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश से बड़े पैमाने पर गोमांस निर्यात होने संबंधी बयान दिया है और सरकारी आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं तो इसमें गलत क्या है।
उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं को हिंदू हितों का प्रहरी बताते हैं, तो उन्हें इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए रोक लगाने की पहल करनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इसी कारण शंकराचार्य को राजनीतिक प्रतिशोध का निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मामले को बर्दाश्त नहीं करेगी और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित देशभर में इसके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।

