देवरीबंगला / प्रदेश सरकार द्वारा मंगलवार को आम बजट पेश किया गया। बजट पर जनप्रतिनिधियों ने अपनी अलग-अलग राय व्यक्त की।विधायक कुंवरसिंह निषाद ने वर्ष 2026-27 के राज्य बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि यह बजट आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा है।उन्होंने कहा कि बजट में किसानों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ठोस एवं प्रभावी प्रावधानों का अभाव दिखाई देता है। बड़ी-बड़ी घोषणाएं जरूर की गई हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर राहत देने वाली योजनाओं का स्पष्ट खाका नजर नहीं आता।

विधायक ने धान खरीदी, रोजगार सृजन और ग्रामीण अधोसंरचना के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने के लिए ठोस नीति की आवश्यकता है। केवल आंकड़ों और शब्दों से प्रदेश का विकास संभव नहीं है।उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को राहत, समर्थन मूल्य, रोजगार के अवसर और महंगाई से निजात की उम्मीद थी, लेकिन बजट में इन मुद्दों पर ठोस समाधान नहीं किया गया। जिला पंचायत सदस्य गुलशन चंद्राकर ने बजट को ग्रामीण विकास विहीन बजट बताया।

जनपद सदस्य भूपेश नायक ने बजट में आदिवासियों की उपेक्षा बताई।जनपद सदस्य चित्ररेखा साहू ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ बजट 2026–27 को ऐतिहासिक, दूरदर्शी और जनहितैषी बताते हुए इसकी भूरी-भूरी प्रशंसा की है।

चित्ररेखा ने कहा कि ₹1.72 लाख करोड़ का यह संकल्प बजट मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, अधोसंरचना विस्तार और सामाजिक न्याय को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला बजट है। बजट से विकसित भारत की कल्पना साकार होगी।
जनपद सदस्य टुमन साहू ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला बजट बताया। प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान की हितेषी सरकार है।

