हनुमानगढ़| महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो ही समाज तरक्की करेगा। महिलाओं के बिना समाज की तरक्की करना असंभव है। यह बात सामाजिक अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक विक्रमसिंह शेखावत ने गुरुवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित जिला स्तरीय समारोह में संबोधित करते हुए कही। उन्होंने महिलाओं से कहा कि जो महिलाएं गांवों से जिला मुख्यालय तक अपने काम के बदौलत पहुंची है वह अपने काम के जरिए राज्य लेवल पर भी पहुंच सकती हैं। अतिथि के तौर पर मौजूद जिला परिषद सीईओ गोपालराम, सहायक निदेशक शकुंतला चौधरी, जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक हरीश मित्तल, सीडीपीओ रावतसर रेणू बाला, एएसआई गायत्री चौधरी, एसआई कुसुमलता, नितिन छाबड़ा आदि ने भी विचार रखे और वहां मौजूद महिलाओं तथा बेटियों को शपथ दिलाई। इससे पहले कार्यक्रम में गांव बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत श्रेष्ठ कार्य करने पर गांव भिरानी की साथिन राजबाला को 11 हजार रुपए का पुरस्कार और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा कार्यक्रम में जिले की 21 महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 5100 और आशा सहयोगिन को 2100 रुपए का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया गया। कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से मेहंदी, स्लोगन, रंगोली सहित कई प्रतियोगिताएं करवाई गई, जिसमें महिलाओं ने उत्साह से भाग लिया।
स्काउट गाइड संघ की ओर से टाउन के किड्स कैंप स्कूल में महिला दिवस पर संगोष्ठी हुई। इसमें प्रधानाध्यापिका अर्चना अरोड़ा, आरके वर्मा, रंजूबाला, सुमनलता आदि ने संबोधित किया। बालिकाओं को स्कार्फ पहनाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्काउट सचिव भूपेंद्र कौशिक, अमीलाल छापोला आदि मौजूद थे।
महिला एवं बाल विकास विभाग का आयोजन, बेटियों को बचाने की शपथ भी दिलवाई
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में गुरुवार को जंक्शन सर्व शिक्षा अभियान जिला कार्यालय में महिला दिवस कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी लालचंद, जिला समाज कल्याण अधिकारी विक्रम सिंह शेखावत, एडीपीसी वीरसिंह, एएओ दुलीचंद, केंद्रीय विद्यालय प्रिंसिपल ईश्वर सिंह, एसीसीटीटी भवानी शंकर शर्मा, एपी सी शिवचंद शर्मा थे। प्रदर्शनी में जिले के सातों ब्लॉक से 105 विद्यालयों की महिला शिक्षकों ने भाग लिया और अलग-अलग रंगोली बनाकर बेटी बचाने एवं महिलाओं का सम्मान करने का संदेश दिया। इसी के साथ साथ सभी विद्यालयों की महिला शिक्षकों ने अपने द्वारा किए गए महिला जागरूकता संबंधी कार्यों की प्रदर्शनी लगाई।
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