Campaign against superstition: जादू टोने के संदेह में महिला प्रताड़ना शर्मनाक : डॉ. दिनेश मिश्र

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ काम कर रही अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने हाल ही में बलौदा बाजार जिले के पलारी और महासमुंद जिले के कुछ गांवों का दौरा किया।

इस दौरे में उन्होंने टोनही (डायन/जादूगरनी) के संदेह में प्रताड़ित हुई महिलाओं और उनके परिवार वालों से मुलाकात की। पलारी के जुनवानी, गिधौरी और महासमुंद के शेरगांव, लचकेरा, फिंगेश्वर जैसे इलाकों में जाकर उन्होंने इन महिलाओं की समस्याएं सुनीं।

महिलाओं और उनके परिजनों ने बताया कि उनके केस कोर्ट में सालों से लंबित पड़े हैं। उन्हें कोई खास मदद नहीं मिल रही है। कई मामलों में 20 साल से ज्यादा समय बीत चुका है और कुछ महिलाओं की मौत तक हो गई, लेकिन न्याय नहीं मिला। इन महिलाओं को रोज़मर्रा की जिंदगी में बहुत परेशानी होती है और समाज में अपमान का सामना करना पड़ता है।

डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि जादू-टोना जैसी कोई चीज नहीं होती। कोई भी नारी टोनही नहीं होती। संदेह के आधार पर महिलाओं को मारना-पीटना या हत्या करना पूरी तरह गलत और गैरकानूनी है। यह सभ्य समाज के लिए शर्म की बात है। ग्रामीणों को बैगा, तांत्रिक या ठगों के झांसे में नहीं आना चाहिए, क्योंकि ये लोग सिर्फ डराकर पैसे ऐंठते हैं।

इस अभियान में पलारी के वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. निराला, वरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर वर्मा, अनंत पांडे और उप सरपंच फागू राम सेन भी शामिल हुए।

डॉ. मिश्र ने ग्रामीणों से अपील की कि अंधविश्वास में न फंसें, कानून अपने हाथ में न लें और निर्दोष लोगों को परेशान न करें।



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