लखनऊ। गुरूवार सीएम आवास के सामने मौजूद सिविल अस्पताल (श्यामा प्रसाद मुखर्जी) के अंदर विधानसभा पास और बीजेपी का झंडा लगी हुई एसयूवी गेट नंबर एक से प्रवेश कर गई। हैरान करने वाली बात यह है कि एक एसयूवी के काफिले में पीछे चल रही तीन अन्य एसयूवी भी दाखिल हो गई। इससे अस्पताल में दवा लेने आये मरीजों,बुजुर्गों सहित तीमारदारों को थोड़ी देर के लिए कष्ट उठाना पड़ा। यह हाल तब है जब अस्पताल में चार पहिया वाहनों को रोकने के लिए गेट पर चेन लगाई गई है। सूत्रों का कहना है कि परेड रिहर्सल के कारण हजरतगंज चौराहे,सहित पार्क रोड पर जाम लगा हुआ था। इस जाम से निकलने के लिए गाड़ियां अस्पताल में प्रवेश कराकर नही होते हुए निकाली गई।

दरअसल,गुरूवार दोपहर लगभग डेढ़ बजे चार एसयूवी अचानक सिविल अस्पताल के गेट नंबर एक से सिविल अस्पताल में दाखिल हुई थी। इस गाड़ी पर विधानसभा पास और बीजेपी का झंडा लगा हुआ था। जानकारी करने पर पता चला कि यह गाड़ी बीकेटी से बीजेपी विधायक योगेश शुक्ला की थी। बीजेपी विधायक की गाड़ी के पीछे काफिले में चल रही तीन और एसयूवी भी सिविल अस्पताल में दाखिल हो गई। इससे दवाई लेने आये मरीजों और बुजुर्गों को थोड़ी देर के लिए कष्ट उठाना पड़ा।

सिविल अस्पताल में पार्किंग की समस्या एक बड़ा मुद्दा है। हलांकि सिविल अस्पताल की नई डायरेक्टर कजली गुप्ता ने इसे दूर करने का वायपक प्रयास किया। मरीजों,बुजुर्गों और तीमारदारों की सहूलियत के लिए उन्होंने गेट नंबर एक पर बड़े वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए एक चेन लगवाई। बीच में यह चेन हटा दी गई थी।जिसके बाद अस्पताल परिसर में पार्किग की स्थिति खराब हो गई थी। चार पहिया वाहनों के प्रवेश होने लगे थे। हलांकि उन्होंने पुरानी व्यवस्था लागू की जो कारगर साबित हुई। डाक्टरों और महत्त्वपूर्ण लोगों के लिए गाड़ी को प्रवेश मिल जाता है,किन्तु गाड़ी खड़ी करने के लिए गेट नंबर एक के दाएं और बाए तरफ चार पहिया वाहन खड़ी करने की व्यवस्था है,बावजूद इसके चार गाड़ियां सिविल अस्पताल के अंदरदाखिल हुई और गेट नंबर तीन से बाहर निकली।
परेड रिहर्सल के चलते लगा था जाम

गुरूवार सुबह से ही परेड रिहर्सल होने के कारण पार्क रोड सहित विधानसभा,हजरतगंज सहित परिवर्तन चौक में जाम की स्थिति हुई बनी हुई थी। यही कारण था लोग इस जाम से निकलने के लिए वैकल्पिक मार्क की तलाश कर रहे थे।
मैं एक मरीज को देखने के लिए अस्पताल गया था। मेरे वाहन के साथ चल रही अन्य गाड़ियां गलती से अंदर आ गई। यह मैं देख नहीं पाया। जब मैं गाड़ी से उतरा तब मैंने तत्काल सभी गाड़ियों को अस्पताल परिसर से बाहर ले जाने के आदेश दिए। – योगेश शुक्ला,विधायक बक्शी का तालाब
अस्पताल परिसर में मरीजों की सुविधा के लिए नियम बनाये गए हैं। अब ऐसे मामलों की संख्या घटी है। फिर भी इसकी पुनरावृत्ति न हो इसका पूरा प्रयास किया जाएगा। -कजली गुप्ता,डायरेक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी
आपके जरिये मामला संज्ञान में आया है,अस्पताल के बाहर जाम की स्थिति न पैदा हो इसके लिए व्यवस्था की जायेगी। – कमलेश दीक्षित,डीसीपी ट्रैफिक

