कल्याण में शिंदे शिवसेना का भाजपा को झटका, मनसे मिलाया हाथ, जानिए कैसे हुआ खेला?

NFA@0298
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लेंस डेस्‍क। मुंबई से अलग कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) में अब राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। यहां हाल ही में हुए चुनावों के बाद मेयर पद को लेकर नया मोड़ आया है।

एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने सबसे ज्यादा 53 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को 50 मिलीं। बहुमत के लिए 122 सदस्यीय सदन में 62 सीटों की जरूरत है। महायुति (शिवसेना शिंदे + भाजपा) के पास कुल मिलाकर मजबूत संख्या है, लेकिन मेयर पद को लेकर दोनों पार्टियों के बीच तनातनी शुरू हो गई है।

ऐसे में शिवसेना (शिंदे) ने राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) से हाथ मिलाया है। मनसे के 5 नगरसेवकों ने शिंदे गुट को समर्थन देने का ऐलान किया है, जिससे उनकी ताकत बढ़कर 58 के करीब पहुंच गई है। कुछ अन्य निर्दलीय या अलग-अलग गुटों से भी समर्थन की बात चल रही है।

शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने NDTV के एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर विकास के मुद्दे पर कोई साथ आता है तो उसका स्वागत करना चाहिए। उन्होंने मनसे को AIMIM जैसा नहीं बताया, बल्कि शहर के हित में सहयोग को सही ठहराया। इसी बीच शिवसेना के श्रीकांत शिंदे और नरेश म्हस्के ने नवी मुंबई के कोंकण भवन में मनसे नेता राजू पाटिल के साथ बैठक की, जिसने इन खबरों को और बल दिया।

मनसे ने प्रल्हाद म्हात्रे को KDMC में अपना नया नेता नियुक्त किया है। यह गठजोड़ मुख्य रूप से भाजपा को सत्ता से दूर रखने या मेयर पद पर मजबूत दावेदारी के लिए माना जा रहा है, हालांकि कुछ जगहों पर महायुति की एकता बरकरार रखने की बात भी कही जा रही है।

यह घटनाक्रम मुंबई BMC के मेयर चुनाव की रस्साकशी के बीच एक बड़ा ट्विस्ट लेकर आया है, जहां अभी फैसला लंबित है। कल्याण-डोंबिवली में यह नया समीकरण स्थानीय स्तर पर विकास और सत्ता की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।



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