
मुंबई। हाल में सम्पन्न हुए 29 महानगरपालिका चुनावों में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के बाद, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने विपक्ष द्वारा आत्मनिरीक्षण किए जाने की आवश्यकता जोर दिया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि महाविकास आघाडी (एमवीए) को साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए था। बारामती से सांसद सुले ने 1992 में कांग्रेस की भारी जीत का हवाला देते हुए कहा कि रिकॉर्ड बताते हैं कि सत्तारूढ़ दल ही नगर निकाय चुनाव जीतते हैं।
महानगरपालिका चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी!
राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के लिए हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 2,869 सीटों में से सबसे अधिक 1,425 सीटें जीतीं, शिवसेना ने 399 और NCP ने 167 सीटें जीतीं। एमवीए में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस शामिल हैं।
एमवीए में कांग्रेस ने जीती सबसे अधिक सीटें!
एमवीए में कांग्रेस ने सबसे अधिक 324 सीटें जीतीं। शिवसेना (यूबीटी) को 155 सीटें, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को 13, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) को 36 सीटें मिलीं। सुप्रिया सुले ने घटक दलों द्वारा अलग-अलग चुनाव लड़ने का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने हमेशा यही कहा है कि महाविकास आघाडी (एमवीए) को साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए था। उन्होंने विपक्ष की कमियों को जानने के लिए बूथ स्तर पर गहन आत्मनिरीक्षण की आवश्यकता बताई है।
वहीं, महाराष्ट्र और देश की सबसे धनी महानगरपालिका (बीएमसी) में भी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सभी दलों में अव्वल रही। बीएमसी में अकेले बीजेपी ने 89 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, उसकी सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 29 सीटों पर जीत हासिल की।
बीएमसी में उद्धव ठाकरे की पार्टी ने एकनाथ शिंदे की पार्टी से ज्यादा सीटों पर कब्जा जमाया। उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) को 65 सीटों पर जीत मिली।उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे के साथ गठबंधन किया था, लेकिन राज की पार्टी दहाई का भी आंकड़ा नहीं छू पाई। मनसे को महज 6 सीटों पर जीत मिली।
असदुद्दीन ओवैसी की नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने मनसे को पीछे धकलते हुए 8 सीटों पर कब्जा जमाया। एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी से महायुति या ठाकरे ब्रदर्स किसी ने संपर्क नहीं किया है। मेयर चुनाव में उनकी पार्टी की क्या भूमिका होगी, इस पर उन्होंने कहा कि ये असदुद्दीन ओवैसी तय करेंगे।
वहीं, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर का चुनाव 30 जनवरी को हो सकता है। कहा जा रहा है कि इस बार बीजेपी का ही बीएमसी में नया मेयर होगा। शिंदे की शिवसेना को मेयर का पद बीजेपी आसानी से सौंपने को तैयार नहीं दिख रही है।

