घंटों बैठकर काम कर रहे हैं? दिमाग पर

NFA@0298
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नई दिल्ली। Sitting Job Effects: आज की भागदौड़ भरी और स्क्रीन-ड्रिवन लाइफस्टाइल में ऑफिस, कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल पर घंटों बैठकर काम करना आम हो गया है, लेकिन फोर्टिस हॉस्पिटल फरीदाबाद के निदेशक न्यूरोलॉजी डॉ. विनीत बंगा के अनुसार यह आदत दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है, क्योंकि लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, जिससे दिमाग तक ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व कम पहुंचते हैं और इसका सीधा असर थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान की कमी, कमजोर याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता पर पड़ता है;

डॉ. बंगा का कहना है कि शारीरिक गतिविधि की कमी, काम का दबाव और अत्यधिक स्क्रीन टाइम दिमाग को सुस्त बना देता है, जिससे तनाव बढ़ता है और आगे चलकर डिप्रेशन, एंग्जायटी और नींद से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं, वहीं जो लोग लंबे समय तक शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहते हैं उनमें सकारात्मक सोच और रचनात्मकता भी धीरे-धीरे कम होने लगती है;

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उन्होंने बताया कि दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए केवल दवाइयों पर निर्भर रहना काफी नहीं है, बल्कि एक्टिव लाइफस्टाइल बेहद जरूरी है, जिसमें हर 30–40 मिनट में छोटा ब्रेक, थोड़ा चलना-फिरना, स्ट्रेचिंग, रोजाना योग-प्राणायाम, हल्का व्यायाम, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और मोबाइल-स्क्रीन से समय-समय पर दूरी बनाए रखना मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

 

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