खबर हेमंत तिवारी,,,,,,,,,,
पांडुका/अंचल के ग्राम पंचायत रजनकटा में एक बार फिर पूर्व पंच ने वर्तमान पंच को पंचायती राज अधिनियम के तहत हटाने की मांग की है। पर बता दे कि यह मुद्दा नया नहीं है। ग्राम पंचायत के वार्ड 10 में छविराम ध्रुव को शासकीय भूमि में अतिक्रमण का हवाला देकर पूर्व में हटा दिया गया था ।और एक बार फिर इसी शासकीय भूमि पर काबिज होना बता कर वर्तमान पंच पुरन लाल निषाद को हटाने के लिए छविराम ने 7 नवंबर 2025 को अनुभागीय कार्यालय छुरा में आवेदन दिया है और इस लिखित आवेदन में बताया गया है।

कि हम समस्त मोहल्ला वासी वार्ड क्रमांक 9 वा10 ग्राम पंचायत रजनकटा के निवासी है जो कि पूरन लाल निषाद द्वारा ग्राम रजनकटा पटवारी हल्का नंबर 17 में स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 337 ,रकबा 5.89 हेक्टेयर जो कि वर्तमान में वार्ड नंबर 10 में स्थित है उक्त शासकीय भूमि पर पूरन लाल निषाद द्वारा अतिक्रमण कर मकान बाड़ी बनाकर रह रहा है। जिसका मकान नंबर 169 है जिसमें इस समय निवासरत है इसलिए छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1953 की धारा 36( थ) के अधीन को अयोग्य है इसलिए पंचायती राज अधिनियम के प्रवधान के तहत पंच पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है इसलिए वर्तमान पंच वार्ड क्रमांक 10 को हटाया जाना चाहिए।आवेदन की संज्ञान में लेनेके बाद, एस डी एम कार्यालय छूरा ने 24 नवंबर 2025 को हल्का पटवारी नंबर 17 को आदेश जारी कर तीन दिवस के भीतर जांच कर प्रतिवेदन सौंपने को आदेशित किया था पर आज 2 माह बीत जाने के बाद इस पर कोई कार्रवाई हुई है। नहीं किसी प्रकार के कोई बुलावा हुआ है। ऐसे में पूर्व पंच छविराम ध्रुव को दुर्भावना वश ऐसे ही प्रकरण का हवाला देकर हटा दिया गया था।

पर आज इस वार्ड के पंच के ऊपर कार्यवाही नहीं कर मेहरबानी की जा रही है।सवाल यह उठता है ।क्या यह कार्रवाई के लिए केवल एक आदिवासी पंच व्यक्ति के लिए किया गया था।अब वर्तमान में एक दूसरा व्यक्ति जब ऐसा ही अवैध कब्जा किया है तो उसके खिलाफ ये सारे नियम क्यों लागू नहीं हो रहा है इसको लेकर पूर्व पंच छविराम मानसिक रूप से अपने आप को व्यथित बता रहे हैं और अब मुख्यमंत्री जन दर्शन सहित चुनाव आयोग में शिकायत कर कार्रवाई के लिए गुहार लगाने की बात कह रहा हैं।
,,,,,,वही इस बारे में जांच कर्ता हल्का पटवारी 17 नरेंद्र साहू से पूछे जाने पर बताया कि एसडीएम कार्यालय से मुझे कोई लिखित आदेश नहीं मिला है व्हाट्सएप में यह जानकारी प्राप्त हुई थी अभी इस मामले में जांच नहीं किया गया है पर बहुत जल्द इस प्रकरण में समय निकालकर 2 से 3 के भीतर जांच कर प्रतिवेदन सौंप देंगे।

