अब गांधीनगर, बेंगलुरु और ओडिशा में Dirty Water का कहर

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नई दिल्ली। देश में दूषित पानी (Dirty Water) का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। इंदौर में जहरीले पानी से 16 मौतों के बाद अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर, कर्नाटक और ओडिशा के जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) में गंदा पानी से लोगों के बीमार होने के मामले सामने आए हैं।

गांधीनगर में टाइफाइड का प्रकोप फैल गया है। इस रिपोर्ट को लिखे जाने तक 113 से ज्यादा मरीज सामने आए हैं, जिसमें सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हुए हैं।

गुजरात की राजधानी गांधीनगर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बिछाई गई नई पाइपलाइनों में लीकेज से सीवेज का पानी पीने की सप्लाई में मिल गया। इससे पिछले कुछ दिनों में 113 टाइफाइड के मामले आये इनमें ज्यादातर बच्चे हैं।

गांधीनगर सिविल अस्पताल में 104 बच्चे भर्ती हुए, जिनमें से कई को पेडियाट्रिक वार्ड में शिफ्ट करना पड़ा। हालात इतने खराब हुए की अस्पताल को नया वार्ड खोलना पड़ा। डॉक्टर्स के मुताबिक, मरीजों में तेज बुखार, पेट दर्द और उल्टी की शिकायतें हैं। प्रभावित इलाके – सेक्टर 24, 26, 28 और आदिवाड़ा हैञ पानी के सैंपल टेस्ट में कंटामिनेशन की पुष्टि हुई है।

इस मामले की गंभीरता देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश दिए। शाह ने डिप्टी सीएम हर्ष संघवी, कलेक्टर और कमिश्नर से बात की।

बेंगलुरु में नलों से सीवरेज का पानी

बेंगलुरु में भी नलों से सीवरेज का पानी आने की खबरें हैं। लिंगराजपुरम के KSFC लेआउट में नलों से बदबूदार, गंदा पानी आ रहा है। सीवरेज मिक्स होने की शिकायतें हैं। 30-40 घरों में लोग पेट दर्द, उल्टी और डायरिया से पीड़ित हैं। बेंगलुरु वॉटर बोर्ड ने सप्लाई रोक दी, टैंकर से पानी भेजा जा रहा है। रोबोटिक प्रोब से लीकेज ढूंढ रहे हैं। जानकारी मिली है कि लोग महीनों से शिकायत कर रहे थे, लेकिन अब जाकर एक्शन लिया गया है।

जवाहर नवोदय विद्यालय में 200 छात्रों को पीलिया

ओडिशा के खुर्दा जिले  के गुरुजंगा में जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) में कई छात्रों के बीमार पड़ने के बाद अभिभावकों में दहशत फैल गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 200 छात्रों के सैंपल में पीलिया की पुष्टि हुई है , जिसके चलते अधिकारियों ने प्रभावित बच्चों को घर भेज दिया है। स्कूल में 569 छात्र पढ़ते हैं। सभी प्रभावित छात्र छठी और बारहवीं कक्षा के थे। प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद आवासीय स्कूल अधिकारियों ने उन्हें वापस स्कूल भेज दिया। ओडिशा के खुर्दा जिले  के गुरुजंगा में जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) में कई छात्रों के बीमार पड़ने के बाद अभिभावकों में दहशत फैल गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 200 छात्रों के सैंपल में पीलिया की पुष्टि हुई है , जिसके चलते अधिकारियों ने प्रभावित बच्चों को घर भेज दिया है। स्कूल में 569 छात्र पढ़ते हैं। सभी प्रभावित छात्र छठी और बारहवीं कक्षा के थे। प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद आवासीय स्कूल अधिकारियों ने उन्हें वापस स्कूल भेज दिया।

सूत्रों के अनुसार, बुखार से पीड़ित 100 अन्य छात्रों के सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है। एहतियात के तौर पर उन्हें भी घर भेज दिया गया है।

पानी के दूषित होने को इस बीमारी के फैलने का कारण माना जा रहा है। स्थिति की जानकारी मिलते ही जेएनवी अधिकारियों ने बीमारी को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन उपाय किए। हालांकि, संक्रमण परिसर में धीरे-धीरे फैलता रहा, जिससे अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई।

रविवार को एक चिकित्सा दल ने स्कूल का दौरा किया, स्थिति की समीक्षा की और परिसर में मौजूद शेष छात्रों की स्वास्थ्य जांच की।
आज वाटको और स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूल परिसर पहुंचीं। उनके साथ एक खाद्य सुरक्षा अधिकारी भी थे। जांच के लिए खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए।

इस बीच, आवासीय स्कूल अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल गर्मियों और सर्दियों की छुट्टियों के दौरान स्कूल के पानी के टैंकों की सफाई की गई थी। अधिकारियों ने आगे कहा कि संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

उप-प्रधानाचार्य एनसी चक्र ने बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले कुछ छात्रों के बीमार होने की शिकायत के बाद उनकी स्वास्थ्य जांच की गई थी। कुछ छात्रों में सर्दी, बुखार और पीलिया जैसे लक्षण देखे गए। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। बाद में, अन्य छात्रों में भी ऐसे ही लक्षण दिखाई दिए।

इंदौर की याद ताजा, जहां 10 से ज्यादा की मौत

ये तीनों मामले इंदौर की याद ताजा कर रहे हैं, जहां दूषित पानी से डायरिया आउटब्रेक में 10 से ज्यादा मौतें हुईं। वहां अभी भी सैकड़ों लोग अस्पताल में भर्ती। हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई है।

गौरतलब है की देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में प्रसिद्ध इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल के कारण अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। फिलहाल 150 से अधिक मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को, जो अलग-अलग अस्पतालों के ICU में हैं, एक ही स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि पेयजल दूषित होने से लोगों की जान जा रही है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। साथ ही, कोर्ट ने इंदौर नगर निगम और राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत अतिरिक्त पानी के टैंकर भेजे जाएं।

ये घटनाएं बता रही हैं आज भी भारत में साफ पानी की कितनी बड़ी चुनौती है।

यह भी पढ़ें : इंदौर में प्रदूषित पानी से मौतें: आपराधिक लापरवाही का नतीजा



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