Indore Contaminated Water Case अफसरों को नोटिस

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Indore Contaminated Water Case: इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव और एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही, एडिशनल कमिश्नर सिसोनिया को इंदौर से हटा दिया गया है। इंचार्ज सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव से जल वितरण विभाग का प्रभार भी वापस ले लिया गया है। मुख्यमंत्री ने नगर निगम के सभी खाली पदों को जल्द भरने के भी निर्देश दिए हैं ताकि कामकाज में कोई कमी न रहे।

हाईकोर्ट में क्या हुआ?

शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में इस मामले पर जनहित याचिका की सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें दावा किया गया कि दूषित पानी से सिर्फ 4 लोगों की मौत हुई है। हालांकि अस्पतालों और मृतकों के परिजनों के मुताबिक मौतों का आंकड़ा 15 तक पहुंच चुका है। सभी मरीजों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कुछ को बुखार की शिकायत थी। पीड़ितों में 5 महीने का बच्चा से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।

कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी तथ्यों की गहन जांच के आदेश दिए। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी। तब तक सरकार को प्रभावित इलाकों में की गई कार्रवाई मरीजों की स्थिति और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों की विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले का संज्ञान लिया है। मुख्य सचिव से दो हफ्ते में पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इंदौर में पानी नहीं, जहर बांटा गया और प्रशासन सोता रहा। गरीब परिवारों में मातम है, लेकिन सरकार घमंड दिखा रही है। उन्होंने सवाल उठाए कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई और जिम्मेदारों पर एक्शन कब होगा? मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि स्वच्छ भारत और जल जीवन मिशन के दावे करने वाली मोदी सरकार इंदौर जैसे सबसे स्वच्छ शहर में साफ पानी नहीं दे पाई। यह शर्मनाक है। पूर्व सीएम उमा भारती ने लिखा कि यह घटना पूरे प्रदेश और व्यवस्था को शर्मिंदा करने वाली है। पीड़ितों से माफी मांगनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

अधिकारियों ने क्या कहा?

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने माना कि पाइपलाइन लीकेज से सीवेज पानी मिल गया। सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि सैंपल में बैक्टीरिया मिले हैं और इलाके में 10 नए बोरिंग शुरू कराए गए हैं। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने पुष्टि की कि दूषित पानी से ही लोग बीमार हुए और मौतें हुईं।

मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित पानी में हैजा, शिगेला, साल्मोनेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया हो सकते हैं। सीवेज में मल-मूत्र, साबुन, केमिकल सब मिल जाते हैं, जो पीने के पानी में पहुंचकर जानलेवा बन जाते हैं प्रभावित इलाकों में अब वैकल्पिक पानी की व्यवस्था की जा रही है। मामले की जांच जारी है।



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