
कौशाम्बी। जिले के कड़ा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सैदराजे के पास मंगलवार सुबह मोचारा माइनर अचानक फट गई। माइनर की पटरी कटने से रामगंगा नहर का पानी तीव्र वेग के साथ किसानों के खेतों में घुस गया, जिससे गेहूं और सरसों की कई बीघे फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। सूचना मिलते ही समर्थ किसान पार्टी (सकिपा) के नेता और जिला पंचायत सदस्य अजय सोनी कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।मौके पर मौजूद किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि नहरों और रजबहों की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। पटरियों की मजबूती पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। अजय सोनी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सिल्ट सफाई में भ्रष्टाचार की शिकायत उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से की थी, लेकिन जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। विभाग की इसी लापरवाही का खामियाजा आज गरीब किसानों को भुगतना पड़ रहा है।अजय सोनी ने मौके से ही सिंचाई खंड फतेहपुर के सहायक अभियंता नवाब सिंह से फोन पर वार्ता की और तत्काल माइनर को बंद कराया। उन्होंने किसानों की बर्बाद हुई फसलों के उचित मुआवजे की पुरजोर मांग की। साथ ही उन्होंने कुछ किसानों की सीधी बात भी सहायक अभियंता से कराई। सोनी ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि किसानों को न्याय नहीं मिला और मुआवजे की प्रक्रिया जल्द शुरू नहीं हुई, तो समर्थ किसान पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे।इस दौरान मुख्य रूप से इंद्रराज यादव, प्रदीप यादव, सुरेश यादव, यशवंत यादव, रोहित कुमार गौतम समेत भारी संख्या में प्रभावित किसान मौजूद रहे।

