कथा वाचक को गार्ड ऑफ ऑनर मामले में अब तक क्‍या हुआ?

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लेंस डेस्‍क। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कथावाचक आचार्य पुंडरीक गोस्वामी को गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने का मामला अब सियासी रूप से गर्म हो गया है। जैसे ही यह वीडियो सार्वजनिक हुआ, विपक्षी दलों ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन और संवैधानिक मूल्यों पर चोट बताया। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने व्यंग्य

लेंस डेस्‍क। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कथावाचक आचार्य पुंडरीक गोस्वामी को गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने का मामला अब सियासी रूप से गर्म हो गया है। जैसे ही यह वीडियो सार्वजनिक हुआ, विपक्षी दलों ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन और संवैधानिक मूल्यों पर चोट बताया। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने व्यंग्य करते हुए कहा कि जब पुलिस बल सलामी देने में व्यस्त रहेगा, तो अपराधी बेखौफ होकर घूमेंगे। भीम आर्मी प्रमुख तथा सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इसे सीधे संविधान पर हमला करार दिया।

पिछले महीने एक विवादास्पद घटना घटी, जब पुलिस लाइंस के परेड ग्राउंड पर वृंदावन से आए प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य पुंडरीक गोस्वामी को पूर्ण पुलिस सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इस दौरान जिलाधकारी पुलिस अधीक्षक की अगुवाई में रंगरूटों ने परेड की और सलामी दी थी।

पुलिस का दावा है कि कठोर ट्रेनिंग और शारीरिक-मानसिक थकान की वजह से जिले में अब तक 28 कर्मियों ने नौकरी छोड़ दी थी। इसी समस्या के समाधान के लिए योग, ध्यान और चरित्र निर्माण पर व्याख्यान देने के लिए पुंडरीक गोस्वामी को आमंत्रित किया गया था।

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे पुलिस परेड की स्थापित परंपराओं और अनुशासन से छेड़छाड़ बताया। कहा कि ऐसी मर्यादा से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने डीजीपी के संज्ञान लेने को सकारात्मक कदम माना, लेकिन उचित कार्रवाई की उम्मीद जताई और राज्य सरकार से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की अपील की।

विवाद बढ़ने पर उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने तुरंत कार्रवाई की। डीजीपी ने परेड ग्राउंड के अनधिकृत उपयोग पर बहराइच के पुलिस अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा, क्योंकि यह मैदान केवल आधिकारिक प्रशिक्षण और समारोहों के लिए आरक्षित होता है।



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