नई दिल्ली। अमेरिका में जेफरी एपस्टीन यौन कांड से जुड़े दस्तावेज आज जारी होने की उम्मीद है। इन दस्तावेजों के मामले से जुड़े दुनिया भर के कई नामचीन लोगों के नाम इसमें सामने आ सकते हैं। भारत में भी इसको लेकर काफी बेचैनी है।
गौरतलब है कि नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी व्यवसायी अनिल अंबानी का नाम भी कथित रूप से इसमें सामने आया था। एपस्टीन ने केंद्र में सरकार बनने के महज 40महीने बाद ही हरदीप पुरी को ईमेल लिखकर न्यौता भेजा था। हालांकि बीजेपी ने इसे बोगस कहा है।
भारत को लेकर अब तक क्या
ड्रॉपसाइट न्यूज में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की निगरानी समिति द्वारा जारी दस्तावेजों के आधार पर दावा किया गया था कि एपस्टीन ने अपनी गिरफ्तारी से दो महीने से भी कम समय पहले, 2019 के मध्य में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रम्प के व्हाइट हाउस के पूर्व मुख्य रणनीतिकार स्टीव बैनन से मुलाकात कराने का प्रस्ताव रखा था।
ये दस्तावेज, जो एपस्टीन की मृत्यु से पहले के वर्षों में भारत के उच्च पदस्थ राजनीतिक और व्यावसायिक हस्तियों के साथ उनके गहरे संबंधों के बारे में पहले से अज्ञात विवरणों का खुलासा करते हैं, यह भी दर्शाते हैं कि एपस्टीन ने एक शक्तिशाली भारतीय अरबपति के साथ भारत-इजराइल संबंधों पर पत्राचार किया था, जिसने एक सरकारी स्वामित्व वाली इजराइली रक्षा कंपनी के साथ संयुक्त उद्यम किया था।
एपस्टीन के इजरायली खुफिया प्रतिष्ठान के शक्तिशाली व्यक्तियों के साथ घनिष्ठ संबंध थे, और भारत पर उनकी उच्च स्तरीय बातचीत ऐसे समय में हुई जब नई दिल्ली और तेल अवीव के बीच द्विपक्षीय संबंध गति पकड़ने लगे थे।
माना जाता है कि इन फाइलों में दुनिया भर के जाने-माने व्यापारियों और राजनेताओं के नाम शामिल हैं। खबरों के मुताबिक, इनमें हजारों पन्नों के दस्तावेज, लगभग 95,000 तस्वीरें और बैंक रिकॉर्ड मौजूद हैं। ब्रिटेन के पूर्व राजकुमार एंड्रयू का नाम इस घोटाले से जुड़ा है। 2001 में उन पर 17 वर्षीय वर्जीनिया गिउफ्रे का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा था, जिसके बाद उनसे शाही उपाधियां छीन ली गईं। राजकुमार एंड्रयू ने इन आरोपों से इनकार किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का नाम भी इस मामले से जुड़ा है। 12 दिसंबर को जारी की गई इस घोटाले से जुड़ी तस्वीरों में दोनों व्यक्तियों की तस्वीरें शामिल थीं। ट्रंप कई तस्वीरों में महिलाओं के साथ नजर आए।
इन फाइलों के जारी होने से विश्वव्यापी हड़कंप मचने की उम्मीद है। कहा जा रहा है कि फाइलें जारी होने के बाद, सरकार को जनता को कुछ विवरणों की स्पष्ट व्याख्या करनी होगी। इसमें यह बताना शामिल है कि दस्तावेजों के किन हिस्सों को छिपाया गया है और ऐसा करने के क्या कारण हैं। साथ ही, यह भी स्पष्ट करना होगा कि कौन सी जानकारी सार्वजनिक की गई है और कौन सी जारी नहीं की गई है।
सरकार को उन सभी सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों की पूरी सूची प्रकाशित करना भी अनिवार्य है जिनके नाम या संदर्भ फाइलों में दर्ज हैं। यह जानकारी फाइलों के जारी होने के 15 दिनों के भीतर साझा की जानी चाहिए।
तस्वीर में ट्रंप और एपस्टीन दिख रहे हैं। महिला की पहचान अज्ञात है।
अब तक क्या-क्या जारी किया गया
एपस्टीन मामले से जुड़े कई दस्तावेज पहले ही सार्वजनिक किए जा चुके हैं, जिनमें घिसलेन मैक्सवेल के 2021 के आपराधिक मुकदमे की सामग्री, न्याय विभाग की रिपोर्ट और कई दीवानी मुकदमे शामिल हैं।
इस साल की शुरुआत में, राष्ट्रपति ट्रम्प के कार्यकाल में नियुक्त न्याय विभाग और एफबीआई के अधिकारियों ने एपस्टीन से संबंधित कुछ गोपनीय फाइलें जारी कीं, लेकिन अधिकांश जानकारी पहले से ही ज्ञात थी। इस कदम की कड़ी आलोचना हुई।
न्याय विभाग ने मैक्सवेल के साथ हुए अपने विवादास्पद साक्षात्कार के सैकड़ों पन्ने भी प्रकाशित किए, जिसमें उन्होंने अपना बचाव किया और अपने कुछ पीड़ितों की आलोचना की।
हाल ही में हाउस ओवरसाइट कमेटी के डेमोक्रेटिक सदस्यों ने 12 और 18 दिसंबर को एपस्टीन की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और तस्वीरें जारी कीं। अरबपति बिल गेट्स कुछ तस्वीरों में दिखाई दिए।

