वाराणसी। The country’s first indigenous: वाराणसी के नमो घाट से देश के पहले स्वदेशी हाइड्रोजन ईंधन चालित यात्री जलयान को आज केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने हरी झंडी दिखाकर वाणिज्यिक संचालन के लिए रवाना किया, जो भारत में समुद्री परिवेश में हाइड्रोजन ईंधन सेल प्रणोदन का प्रदर्शन करने वाला पहला जलयान है और पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से निर्मित है।
24 मीटर लंबे इस आधुनिक कैटामरान में 50 यात्री यात्रा कर सकते हैं और यह हाइड्रोजन, बैटरी और सौर ऊर्जा की हाइब्रिड तकनीक से संचालित होकर एक बार हाइड्रोजन भरने पर आठ घंटे तक चल सकता है। पानी पर चलते समय केवल जल-वाष्प उत्सर्जन और शून्य शोर के साथ यह जलयान शहरी जल परिवहन को तेज, स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त बनाएगा, साथ ही सड़क ट्रैफिक कम करने, स्थानीय पर्यटन बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद करेगा।

यह पहल 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य और मेरीटाइम इंडिया विजन 2030 के तहत हरित तकनीक अपनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।


